ताली में मातम, दोनों बच्चियों के परिजनों के विलाप से सबकी आंखें नम

पंडा नदी में डूबी ताली गांव की दोनों बच्चियों (जागृति एवं सोनम) की मौत के बाद गुरुवार को भी गांव में मातम रहा.

प्रतिनिधि, केतार (गढ़वा)

पंडा नदी में डूबी ताली गांव की दोनों बच्चियों (जागृति एवं सोनम) की मौत के बाद गुरुवार को भी गांव में मातम रहा. पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार के शाम दोनों का शव गांव लाया गया था. यहां शव देखते ही दोनों बच्चियों की मां व परिजनों के चित्कार से माहौल गमगीन हो गया. स्थिति यह थी कि दोनों बच्चियों के भाई-बहन अपनी दीदी को ढूंढ रहे थे.

दोनों बच्चियों के पिता मजदूरी करने गये हैं बाहर : बताया गया कि दोनों बच्चियों के पिता घर पर नहीं थे. सत्येंद्र विश्वकर्मा व रवि साह पूना व राजस्थान में मजदूरी करते हैं. जैसे ही बेटी की मौत की खबर उन लोगों ने सुनी, वह गांव के लिए निकल चुके हैं. लेकिन बेटियों के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके. इधर घटना के बाद प्रशासन, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि ढांढस बंधाने गांव पहुंचें.

तीसरी कक्षा की छात्रा थी दोनों : गुरुवार को दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार किया गया. दोनों बक्शीपुर एवं ताली गांव में तीसरी कक्षा में पढ़ती थी. विद्यालय के शिक्षक, सहपाठी व ग्रामीणों ने नम आंखों से दोनों को विदाई दी

विधायक और पूर्व विधायक ने जताया शोक : इस घटना पर विधायक अनंत प्रताप देव व पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने दुःख व्यक्त किया हैं. इधर बीडीओ प्रशांत कुमार ने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है. सरकारी प्रावधान के तहत मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जायेगा. इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

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Author: DEEPAK

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