मेरालग्राम स्टेशन से विदा हुए नितेश, सरल व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा को ग्रामीणों ने किया याद

मेरालग्राम रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर नितेश कुमार सिंह के स्थानांतरण पर रेलकर्मियों और ग्रामीणों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। उनके कार्यकाल की सराहना की गई।

मेराल, गढ़वा : मेरालग्राम रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर नितेश कुमार सिंह के पहाड़पुर स्थानांतरण पर रविवार को रेलकर्मियों और ग्रामीणों ने भावभीनी विदाई दी. वर्ष 2021 से मेरालग्राम स्टेशन पर सेवा दे रहे नितेश कुमार सिंह अपनी कर्तव्यनिष्ठा, सरल व्यवहार और सौम्य कार्यशैली के कारण स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय रहे.

विदाई समारोह में लोगों ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए नये पदस्थापन के लिए शुभकामनाएं दीं. लोगों ने कहा कि स्टेशन पर उनकी कार्यशैली और व्यवहार को लंबे समय तक याद किया जायेगा.

मौके पर प्रदीप कुमार, दीनदयाल, पुनीत कुमार, सौरव कुमार, शिवम कुमार, अमन राज, साबिर अंसारी, आशिक समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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