गढ़वा : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बीच गढ़वा में युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने जिले में गठित निर्वाचन साक्षरता क्लब (इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब-ईएलसी) की नियमित बैठक कराने और इसके माध्यम से अधिक से अधिक युवा एवं भावी मतदाताओं को जागरूक करने का निर्देश दिया है.
क्या है ईएलसी
निर्वाचन साक्षरता क्लब यानी ईएलसी का उद्देश्य युवाओं को मतदान और निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देना है. स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में बने ऐसे क्लब विद्यार्थियों को मतदाता बनने की प्रक्रिया, मताधिकार के महत्व और जिम्मेदार मतदान के प्रति जागरूक करने का माध्यम हैं. निर्वाचन आयोग के अनुसार, ईएलसी का उद्देश्य युवाओं में जागरूक, जिम्मेदार और नैतिक मतदान की समझ विकसित करना है. इसके माध्यम से युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी दी जाती है.
युवाओं तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि पात्र युवाओं को ईसीआइनेट डाउनलोड कराने के साथ ऑनलाइन प्रपत्र-6 भरने में सक्रिय सहयोग किया जाये. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या जल्द 18 वर्ष के होने वाले पात्र नागरिक नये मतदाता के रूप में प्रपत्र-6 भर सकते हैं.
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लोकतांत्रिक भागीदारी की पहली सीढ़ी
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्रता हासिल कर चुके किसी भी युवा का नाम मतदाता सूची में दर्ज होने से नहीं छूटे. ईएलसी के माध्यम से कॉलेज और विद्यालय स्तर पर युवाओं को यह समझाने की जरूरत है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक भागीदारी की पहली सीढ़ी है.
फॉर्म-6 के आवेदन में
गढ़वा में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नये मतदाताओं के आवेदन में भी तेजी देखी जा रही है. 7 सितंबर के निर्वाचन बुलेटिन के अनुसार, जिले की गढ़वा और भवनाथपुर विधानसभा सीटों को मिलाकर 5 सितंबर तक प्रपत्र-6 के 10,408 आवेदन प्राप्त हो चुके थे. वहीं, 6 सितंबर को एक ही दिन 718 और आवेदन मिले.
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दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 15 सितंबर
जिले में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित है. ऐसे में ईएलसी की भूमिका केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह जाती. युवाओं को ऑनलाइन प्रक्रिया समझाना, प्रपत्र-6 भरने में मदद करना और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के महत्व से अवगत कराना अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बना सकता है. उपायुक्त का जोर इसी कड़ी को मजबूत करने पर है, ताकि अधिक से अधिक पात्र युवा मतदाता सूची से जुड़ सकें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें.
