मनरेगा में जेसीबी व पोकलेन का धड़ल्ले से हो रहा उपयोग

मनरेगा में जेसीबी व पोकलेन का धड़ल्ले से हो रहा उपयोग

डंडई प्रखंड की करके पंचायत में मनरेगा से चल रहे कार्य में योजना का बोर्ड नहीं लगाया जा रहा है. मनरेगा योजना कूप एवं डोभा दोनों मिलाकर करके पंचायत में करीब 100 योजनाएं संचालित है. इसमें करीब 50 योजनाओं में बिना योजना संबंधी बोर्ड लगाये जेसीबी व पोकलेन मशीन का प्रयोग कर खुदाई करने की जानकारी है. कुछ स्थानीय लाभुकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मशीन से खुदाई करने से पैसों की बचत होती है और काम भी ज्यादा होता है. इसलिए मनरेगा के लाभुक, मजदुरों के बजाय मशीन का प्रयोग कर रहे है. करके पंचायत की ज्यादातर बिरसा कूप योजना में लाभुकों के अनुसार एक और दो बार डिमांड लगाया गया है. इसमें करीब 200 मानव दिवस के रूप में काम किया गया है. 200 मानव दिवस में करीब 10 फीट की गहराई तक खुदाई की जा सकती है. लेकिन यहां खुदाई लगभग 35 फीट कर ली गयी है. वहींं मुस्लिम टोला में कूप योजना के एक लाभुक के परिजन अमानत अंसारी ने अपनी कूप योजना में पोकलेन मशीन से खुदवाने की बात स्वीकारते हुए बताया कि लगभग 16 घंटे में लगभग 35 फीट खुदाई हो चुकी है. उन्होंने कहा कि अभी काम करने के लिए मजदूर नहीं मिल रहें हैं. योजना से पैसों की निकासी के लिए पहली बार आठ मजदूर तथा दूसरी बार 12 मजदूरों का दो बार डिमांड लगाया गया है. उन्होंने कहा कि सभी योजना में मशीन का ही प्रयोग किया गया है.

संबंधित लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी : इस मामले को लेकर मुखिया प्रतिनिधि ललन चौधरी का कहना है कि कूप की खुदाई मशीन से करने की जानकारी नहीं है. यदि कोई भी लाभुक ने मनरेगा योजना में मशीन का प्रयोग किया है, तो जांच कर कार्रवाई की जायेगी. इस मामले में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि सरकार का नियम है कि हमेशा मनरेगा योजना में काम मजदूरों से ही कराना है. मशीन का प्रयोग कदापि नहीं करना है. अगर लोगों के द्वारा मनरेगा की योजना में मशीन का प्रयोग किया गया है, तो जांच करेंगें. साक्ष्य मिलते ही संबंधित लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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