गढ़वा. जिले में अवैध खनन, बालू के अवैध परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है . जिला स्तर पर आयोजित टास्क फोर्स की वर्चुअल बैठक में जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा और पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिए हैं . प्रशासन ने आम नागरिकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जिले में कहीं भी हो रहे अवैध बालू खनन या परिवहन की सटीक सूचना तत्काल स्थानीय थाना या प्रशासन को दें, ताकि दोषियों पर सीधी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके .
सड़कों पर दौड़ते खूनी ट्रैक्टरों का थमा खौफ
गौरतलब है कि एक दौर था जब गढ़वा की सड़कों और नदी घाटों पर बालू का अवैध धंधा पूरी तरह परवान पर हुआ करता था . बेकाबू होकर दौड़ते अवैध बालू लदे 'खूनी ट्रैक्टरों' के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती थीं और आम लोगों में खौफ का माहौल बना रहता था. लेकिन पिछले कुछ समय से जिला प्रशासन और पुलिस की लगातार संयुक्त कार्रवाई और कड़ी निगरानी का ही नतीजा है कि सड़कों पर फैला यह खौफ अब थम चुका है . इसी सख्ती को आगे भी बरकरार रखने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी सूरत में अवैध कारोबारियों को सिर उठाने नहीं दिया जाएगा .
15 अक्टूबर तक खनन पर पूर्ण रोक
बैठक के दौरान उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने स्पष्ट किया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के स्पष्ट आदेशानुसार 15 अक्टूबर 2026 तक जिले में बालू खनन पर पूरी तरह से रोक लागू है . यदि कोई भी व्यक्ति इस निषेधाज्ञा का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता खान एवं खनिज अधिनियम 1957, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और एनजीटी के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाएगा .
मालिकों और चालकों पर दर्ज होगा मुकदमा
अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को तुरंत जब्त कर मालिकों और चालकों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा .अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए जिले में नियमित रूप से संयुक्त छापामारी दल को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है . पुलिस और खनन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त करेंगी . बैठक में दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी एबिन बेनी अब्राहम, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, डीएसपी (मुख्यालय) यशोधरा, जिला परिवहन पदाधिकारी गोपी उरांव, एसडीएम कुमार मयंक भूषण, जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव समेत सभी अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी ऑनलाइन उपस्थित थे .
