गढ़वा से विजय सिंह की रिपोर्ट
भवनाथपुर, गढ़वा: प्रखंड अंतर्गत सिंदुरिया पंचायत के पुनर्वास स्थल पर बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से नाराज ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को सड़क पर उतर आया. बदहाल और कीचड़ में तब्दील हो चुकी मुख्य सड़क पर धान की रोपाई कर ग्रामीणों ने सेल प्रबंधन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घाघरा माइंस क्षेत्र से विस्थापित कर उन्हें सिंदुरिया पुनर्वास स्थल पर बसाया गया था. उस समय सेल प्रबंधन ने सड़क, बिजली, पानी समेत तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी एक भी वादा पूरा नहीं हुआ. ग्रामीणों का कहना है कि माइंस से प्रबंधन लगातार आर्थिक लाभ कमा रहा है, लेकिन जिनकी जमीनें गईं, वे आज नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं.
जनप्रतिनिधियों पर भी अनदेखी का आरोप
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सिंदुरिया पंचायत के प्रतिनिधियों पर भी समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया. ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण उनकी समस्याओं की सुनवाई प्रशासनिक स्तर पर नहीं हो पा रही है.
सिंदुरिया पंचायत में मुन्ना उरांव के घर के समीप स्थित पुनर्वास स्थल की मुख्य सड़क, जो झुमरी को जोड़ती है, पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुकी है. यह सड़क दक्षिण-उत्तर दिशा में अंतु साह के घर से रामाधार भुईंया के घर तक तथा पूरब-पश्चिम दिशा में मुन्ना उरांव के घर से अजय भुईंया के घर तक पूरी तरह जर्जर और जलमग्न है. आवागमन ठप होने से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का यह तरीका अपनाया.
प्रदर्शन में सुनीता देवी, सुशीला कुंवर, मुनि देवी, प्रेमता देवी, आनंद पासवान, आलोक साह, रौशन वियार, छोटेलाल साह, मुकेश पासवान और जितेंद्र साह समेत कई ग्रामीण शामिल थे. ग्रामीणों ने मांग की कि पुनर्वास से जुड़े वादों की समीक्षा कर तत्काल पक्की सड़क, पानी और बिजली की व्यवस्था की जाए. साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा.
