गढ़वा : गढ़वा जिले में सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय स्वावलंबन को लेकर क्रियान्वित की जा रही सरकारी योजनाओं के आंकड़ों की पड़ताल में एक बड़ी तस्वीर सामने आई है . जिले में पेंशन और आर्थिक सहायता योजनाओं के माध्यम से बड़ी आबादी को हर महीने सीधे वित्तीय संबल दिया जा रहा है .विभागीय आंकड़ों के गहन अध्ययन और जिले के विभिन्न प्रखंडों की स्थिति के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि वर्तमान में जिले के 2 लाख 11 हजार से अधिक असहाय, वृद्ध और जरूरतमंद लोगों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की पेंशन राशि उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है .
'सर्वजन पेंशन योजना'
सामाजिक सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, आदिम जनजाति तथा गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर पेंशन से जोड़ा जा रहा है . बीते एक वर्ष के दौरान जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अभियान के फलस्वरूप 6,800 नए लाभुकों को चिन्हित कर विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ दिया गया है .इसके साथ ही 'सर्वजन पेंशन योजना' के तहत जिले के 95 हजार 600 लाभार्थियों को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों के बुजुर्गों और एकल महिलाओं को जीवन-यापन में सीधी मदद मिल रही है .
मईयां सम्मान से 2 लाख से अधिक तक पहुंची मदद
जिले में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में चल रही 'मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना' की समीक्षा से पता चलता है कि गढ़वा की 2 लाख 22 हजार 765 पात्र महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाया जा चुका है . इन सभी महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की सीधे राशि दी जा रही है, जिससे ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं की वित्तीय निर्भरता कम हुई है.
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गढ़वा को मॉडल जिला बनाने के लिए प्रतिबद्ध
उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा का कहना है कि प्रशासन गढ़वा को आकांक्षी जिले से मॉडल जिले की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है .शासन प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं से वंचित न रहे .पेंशन और सहायता राशि के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को वित्तीय संबल प्रदान किया जा रहा हैं.
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धरातल पर योजनाओं का प्रभाव
दूर-दराज के प्रखंडों और आदिम जनजाति बहुल इलाकों में पेंशन की राशि से लोगों की दैनिक जरूरतों की पूर्ति हो रही है . प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रियाओं को सरल बनाकर नए पात्र लाभुकों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं से जोड़ने का काम लगातार जारी है .
