गढ़वा: जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों पर चिंता जताते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया गया.
ओवरलोड स्कूली वाहनों पर होगी कार्रवाई
बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठा. उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा को निजी विद्यालयों में संचालित ऑटो और बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया.
उन्होंने स्कूल प्रबंधन को स्कूली वाहनों की नियमित निगरानी करने और अभिभावकों को भी जागरूक करने को कहा. वहीं, जिला परिवहन पदाधिकारी को स्कूली वाहनों का औचक निरीक्षण और सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया.
अवैध कट बंद होंगे, ब्लैक स्पॉट पर बढ़ेगी निगरानी
सड़क हादसों के ब्लैक स्पॉट और अनधिकृत कट को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई. झूरा मोड़, डुमरिया पीपल पेड़, हूर मोड़ और कोरवाडीह मोड़ जैसे संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गयी है. इन कैमरों का कंट्रोल सेंटर गढ़देवी और बंशीधर टोल प्लाजा में बनाया गया है.
बैठक में सड़कों पर बने अवैध कटों को स्थानीय विरोध के बावजूद पुलिस बल की मदद से बंद कराने का निर्णय लिया गया. वहीं, एनएच-343 पर रंका क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को स्थल निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया.
सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं
सड़क निर्माण और चौड़ीकरण की योजनाओं की भी समीक्षा की गयी. उपायुक्त ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की चेतावनी दी.
बैठक में बताया गया कि शंखा-खजुरी सड़क का निर्माण शिवालय कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है. सहिजना मोड़ (जीपी प्लाजा) से दानरो नदी तक वर्षा जल निकासी की योजना पर भी काम चल रहा है. वहीं, गढ़वा-चिनियां मोड़ से समाहरणालय तक बिटुमिनस सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है और साइन बोर्ड व रोड मार्किंग का काम जारी है.
उपायुक्त ने एनएचएआई के लंबित कार्यों को अगली बैठक से पहले पूरा करने का निर्देश दिया.
फर्स्ट एड किट और जीवनरक्षक दवाएं रखने का निर्देश
सड़क सुरक्षा प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा स्पीड गन, ब्रेथ एनालाइजर, फोल्डिंग बेड और पीओएस/ई-चालान मशीनें उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है.
स्वास्थ्य विभाग को हाईवे किनारे स्थित सभी थानों और पीसीआर वैन में फर्स्ट एड किट और जरूरी जीवनरक्षक दवाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि सड़क हादसों में घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके.
हेलमेट और सीट बेल्ट का करें इस्तेमाल
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने आम लोगों से हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है.
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) यशोधरा, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, नगर निकायों के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि मौजूद थे.
