बड़गड़ से घनश्याम सोनी की रिपोर्ट
Garhwa News: पेंशन न मिलने के कारण इलाज के अभाव में हुई रतन लकड़ा की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर गढ़वा उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा द्वारा गठित प्रशासनिक जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. उपायुक्त ने पुष्टि की है कि जांच रिपोर्ट में बैंक प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है, जिसके आधार पर संबंधित बैंक प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की गई है.
बैंक अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से की थी पूछताछ
इससे पूर्व, मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अरुण कुमार और क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी अभिषेक कुमार अखौरी ने बड़गड़ वनांचल ग्रामीण बैंक शाखा पहुंचकर मामले की विभागीय जांच शुरू की थी. अधिकारियों ने मृतक के आवास पर जाकर उनकी पत्नी रेपा लकड़ा, पुत्र अनिल लकड़ा और पुत्रवधू फुलमनी लकड़ा समेत अन्य ग्रामीणों से मुलाकात की थी. परिजनों ने बैंक कर्मियों द्वारा किए गए कथित अमानवीय व्यवहार और पेंशन निकासी के लिए बार-बार चक्कर लगवाने की शिकायत दर्ज कराई थी. विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए बैंक में कार्यरत मैसेंजर हेमंत कुमार उर्फ नंदलाल को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. वहीं, शाखा प्रबंधक कृष्ण कुमार के खिलाफ विभागीय जांच अभी भी जारी है. क्षेत्रीय प्रबंधक ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों के साथ असम्मानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच पूरी होने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों ने जांच रिपोर्ट का किया स्वागत
प्रशासनिक जांच रिपोर्ट में लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद दोषी अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है. उपायुक्त की ओर से की गई कार्रवाई की अनुशंसा के बाद अब पूरे क्षेत्र के लोगों की नजरें अंतिम विभागीय और प्रशासनिक एक्शन पर टिकी हुई हैं. ग्रामीण अर्जुन मिंज, संजय कुजूर, मिलयानुस केरकेट्टा, अमानत अंसारी, विकास गुप्ता सहित स्थानीय लोगों ने इस जांच रिपोर्ट और अब तक हुई कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया हैं.
ये भी पढ़ें: झारखंड: कुड़ू के आवासीय स्कूल में घुसा करैत सांप, रात को सो रही 4 छात्राओं को काटा, एक की मौत
ये भी पढ़ें: चक्रधरपुर में 8 साल से अधूरी है 7.33 किमी सड़क, आरईओ ऑफिस के बाहर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
ये भी पढ़ें: 'मंत्री महोदया, सिमडेगा के गांवों को टापू बनने से बचाएं', दीपिका पांडेय सिंह से मिले विधायक भूषण बाड़ा
