गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News: गढ़वा उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देश पर जिला प्रशासन ने वृद्धजनों की सुरक्षा और उनकी जीवनशैली को लेकर एक बेहद संवेदनशील पहल की है. जनता दरबार में आई एक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त के आदेश पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा ने गुरुवार की देर शाम नगर ऊंटारी स्थित एनजीओ संचालित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया.
अहम निर्देश दिए
इस औचक कार्रवाई से जहां आश्रम प्रबंधन में हड़कंप रहा, वहीं प्रशासन ने बुजुर्गों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए अब एक नया ‘दैनिक रूटीन’ और कड़ा सुरक्षा घेरा तैयार करने का निर्देश दिया है.
तय समय के अनुसार चलेगी पूरी दिनचर्या
आश्रम की व्यवस्थाओं को पेशेवर और बुजुर्गों के अनुकूल बनाने के लिए डीएसडब्ल्यूओ ने संचालक को एक टाइम-टेबल (दैनिक दिनचर्या चार्ट) बनाने का आदेश दिया है, जिसे दीवार पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा. इसके तहत सुबह 5:30 बजे (जागरण) बुजुर्गों के दिन की शुरुआत योग, ध्यान और हल्के व्यायाम के साथ होगी. चाय, नाश्ता, पौष्टिक भोजन, दोपहर का आराम और शाम के मनोरंजन का समय पहले से तय रहेगा. बुजुर्गों के बेहतर स्वास्थ्य और पर्याप्त नींद के लिए रात 9 बजे तक अनिवार्य रूप से लाइटें बंद कर आराम का समय निर्धारित किया गया है. प्रशासन का उद्देश्य है कि इस रूटीन से बुजुर्गों को अकेलेपन का अहसास न हो और उनकी सेहत भी अच्छी रहे.
सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान
बुजुर्गों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने आश्रम में तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिया हैं. इसके साथ ही भवन की स्थिति को सुधारने के लिए जहां भी टूट-फूट है, वहां जरूरी रिपेयरिंग और रंग-रोगन का काम तुरंत शुरू करने को कहा गया है, जिससे कि बुजुर्गों को एक सुरक्षित और सुंदर माहौल मिले.
बुजुर्गों से की गई वन-टू-वन बातचीत
निरीक्षण के दौरान आश्रय गृह में कुल 6 बुजुर्ग (2 महिलाएं और 4 पुरुष) निवासरत पाए गए. डीएसडब्ल्यूओ अर्चना सिन्हा ने किसी भी औपचारिकता से दूर हटकर सभी बुजुर्गों के पास बैठकर उनसे ‘वन-टू-वन’ बात की. अधिकारियों ने जब उनसे खाने-पीने और रहने की तकलीफ पूछी, तो बुजुर्गों ने पूरी व्यवस्था पर गहरा संतोष जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें समय पर भोजन, दवाइयां और आदर-सम्मान मिल रहा है और उन्हें प्रबंधन से कोई शिकायत नहीं है.
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने क्या कहा?
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा ने कहा कि उपायुक्त महोदय के निर्देश पर यह औचक निरीक्षण किया गया था. राहत की बात है कि सभी बुजुर्ग व्यवस्था से संतुष्ट हैं. हालांकि, उनकी सुरक्षा और दिनचर्या को और अधिक बेहतर बनाने के लिए रूटीन चार्ट और सीसीटीवी कैमरे लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं. जिला प्रशासन बुजुर्गों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
यह भी पढ़ें: जनता लाइन में और पूंजीपति फायदे में, JMM महासचिव विनादे पांडेय ने भाजपा पर बोला हमला
यह भी पढ़ें: Hazaribagh: 24 घंटे में 4 मौत पर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में हंगामा, डीसी ने बैठाई जांच कमिटी
