गढ़वा: चार राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र और करीब 200 वर्ष पुराना प्रसिद्ध मां गढ़देवी मंदिर इन दिनों अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है. मंदिर के मुख्य द्वार के समीप सड़क के दोनों ओर पूजा सामग्री की दुकानें लगाए जाने के कारण रास्ता काफी संकीर्ण हो गया है. इससे मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
स्थिति यह है कि मंदिर कमेटी द्वारा पूजा सामग्री की बिक्री के लिए जिन दुकानदारों को दुकानें आवंटित की गयी हैं, उनमें से कई दुकानदार सड़क पर भी सामान फैलाकर अतिक्रमण कर रहे हैं. इससे मुख्य द्वार के आसपास आवागमन प्रभावित हो रहा है. पर्व-त्योहार और विशेष पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है.
मंदिर के आसपास लंबे समय से है अतिक्रमण
मंदिर परिसर के आसपास अतिक्रमण की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के मुख्य प्रवेश मार्ग को अतिक्रमण मुक्त रखना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो.
वहीं, मंदिर निर्माण कमेटी का कहना है कि सड़क से अतिक्रमण हटाने का अधिकार प्रशासन के पास है. कमेटी ने इस मामले में अपने स्तर पर कार्रवाई करने में असमर्थता जतायी है.
कुछ दुकानें मंदिर के अंदर होंगी शिफ्ट : अध्यक्ष
मंदिर निर्माण कमेटी के अध्यक्ष विनोद जायसवाल ने बताया कि कमेटी द्वारा मुख्य गेट के समीप बनी दुकानों का आवंटन किया गया है. उन्होंने कहा कि गेट के समीप सटी एक पुरानी दुकान को मंदिर परिसर के अंदर शिफ्ट किया जाएगा. इसके अलावा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाये जाएंगे.
अब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन पर है. लोगों का कहना है कि प्रसिद्ध मां गढ़देवी मंदिर के मुख्य द्वार और आसपास की सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन को ठोस पहल करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.
