गढ़वा: जरूरतमंद बच्चों के बीच लियो क्लब ने बांटी शैक्षणिक सामग्री

गढ़वा में लियो क्लब ऑफ ऑसम ने प्रोजेक्ट पाठशाला के तहत जरूरतमंद बच्चों को कॉपी-किताबें और शैक्षणिक सामग्री वितरित की. शिक्षा को बढ़ावा देने की सराहनीय पहल.

जितेंद्र सिंह की रिपोर्ट

गढ़वाः लियो क्लब ऑफ गढ़वा ऑसम की ओर से रविवार को ‘प्रोजेक्ट पाठशाला’ के तहत जरूरतमंद बच्चों के बीच शैक्षणिक एवं लेखन सामग्री का वितरण किया गया. इस सेवा गतिविधि का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराकर उनमें शिक्षा के प्रति उत्साह और रुचि बढ़ाना था.

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के बीच कॉपी, पेन, पेंसिल सहित अन्य आवश्यक लेखन सामग्री वितरित की गयी. सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली. क्लब के सदस्यों ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है. संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए.

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इस सेवा कार्य के सेवा अध्यक्ष लियो राहुल कुमार साहू रहे. कार्यक्रम को सफल बनाने में लियो क्लब ऑफ गढ़वा ऑसम के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभायी. परियोजना के लिए लियो राहुल कुमार साहू और अमित पुस्तक केंद्र, मुख्य मार्ग, गढ़वा की ओर से सहयोग प्रदान किया गया. क्लब ने सहयोग के लिए सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार जताया.

मौके पर लियो अध्यक्ष राहुल कुमार साहू, प्रीतम राज, राजू कुमार, शुभम केशरी, नमन केशरी, अंश आनंद, हैप्पी कुमार, प्रतीक राज सोनी, हर्ष, सीटू, क्षितिज सोनी, तुषार कुमार, दीपक केशरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे. लियो क्लब ऑफ गढ़वा ऑसम ने भविष्य में भी जरूरतमंद वर्गों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा से जुड़ी गतिविधियों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जतायी.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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