गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News: मॉनसून के आगमन के साथ ही नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी, भूमि कटाव और अवैध बालू के उत्खनन-परिवहन पर लगाम लगाने के लिए गढ़वा जिला प्रशासन ने एक बेहद अनूठा और कड़ा रुख अख्तियार किया है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराते हुए सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने पूरे अनुमंडल क्षेत्र में एक आदेश जारी किया है. सदर एसडीएम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (जो पहले की धारा 144 थी) के तहत गढ़वा अनुमंडल क्षेत्र के सभी नदी घाटों, जल निकायों और उनके 200 मीटर के परिधि क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू कर दी है. प्रशासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, यह निषेधाज्ञा अगले आदेश तक या एनजीटी द्वारा तय प्रतिबंध की अवधि तक लागू रहेगी.
किन नदियों पर लागू होगा आदेश
आदेश के दायरे में सदर अनुमंडल क्षेत्र से गुजरने वाली सोन नदी, कोयल नदी, बांकी नदी, दानरो नदी, यूरिया नदी, सरस्वतिया नदी और अन्य जल निकाय शामिल है. इस अवधि में इन सभी नदियों के घाटों से किसी भी तरह का बालू खनन (चाहे वह मशीन से हो या मैनुअल) पूरी तरह बैन रहेगा. इसके अलावा, बालू लदे ट्रैक्टर, हाइवा या अन्य किसी भी वाहन के परिचालन पर सख्त मनाही होगी. रात के समय नदी तटीय और बालू वाले क्षेत्रों में लोगों की सामूहिक आवाजाही पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
पुलिस को दी गई लागू करने की जिम्मेदारी
इस आदेश को जमीन पर कड़ाई से लागू करने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को सौंपी गई है. सभी संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस गश्ती बढ़ाएं और किसी भी संदेहास्पद खनन गतिविधि पर पैनी नजर रखें. इसके साथ ही, जिला खनन कार्यालय को अंचल अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर नियमित निरीक्षण करने और लगातार कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
जनभागीदारी से बनेगा मजबूत नेटवर्क
इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने के लिए स्थानीय मुखिया, वार्ड सदस्य, जनप्रतिनिधियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं को भी इससे जोड़ा जा रहा है. एक मजबूत इन्फर्मेशन नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे कि अवैध बालू माफियाओं की हर हरकत की सटीक जानकारी प्रशासन तक पहुंच सके और उन पर त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की जा सके.
उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई
अगर कोई भी व्यक्ति इस निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन के मुताबिक उल्लंघनकर्ताओं पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 (पूर्व की धारा 188), एनजीटी के कड़े प्रावधान, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, झारखंड माइनिंग रूल्स के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा. इसके साथ ही अवैध खनन और परिवहन में लगे वाहनों को तुरंत जब्त कर भारी-भरकम जुर्माना वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
लोगों से अपील
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा और एनजीटी के नियमों का पालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है. गढ़वा के आम नागरिकों से अपील करता हूं कि वे इस मुहिम में प्रशासन का सहयोग करें. अगर आपके आस-पास कहीं भी अवैध खनन या बालू का अवैध परिवहन हो रहा हो, तो तुरंत इसकी सूचना अपने नजदीकी थाना, अंचल कार्यालय या सीधे एसडीएम कार्यालय को दें. सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी.
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