Garhwa DC Action, गढ़वा (अविनाश की रिपोर्ट): मनरेगा की ‘दीदी बाड़ी’ योजना में फर्जी डिमांड लगाकर, सरकारी राशि के दुरुपयोग के मामले में गढ़वा जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है. उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने रंका प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO), हासिम अंसारी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है. उपायुक्त के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय जांच टीम की रिपोर्ट में रंका प्रखंड के भीतर कई गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और पोर्टल से छेड़छाड़ के प्रमाण मिले हैं.
3 साल का फंड 1 साल में चट, एमआईएस पोर्टल में भी हेरफेर
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ‘दीदी बाड़ी’ योजना जो सामान्यतः तीन वर्षों के लिए स्वीकृत होती है, उसकी लगभग पूरी राशि महज एक वर्ष के भीतर ही निकाल ली गई. रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि, बीपीओ स्तर से मनरेगा के एमआईएस पोर्टल (MIS Portal) में दर्ज योजनाओं के स्वरूप में मनमाना बदलाव किया गया. कई पुरानी योजनाओं को जानबूझकर ‘ऑनगोइंग’ (Ongoing) दिखाया गया, जो गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है.
बीडीओ को चेतावनी और भ्रष्टाचार पर ‘स्ट्राइक’
उपायुक्त द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण में हासिम अंसारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद उनकी सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया. इस मामले में लापरवाही बरतने को लेकर रंका के बीडीओ (BDO) को भी कड़ी चेतावनी देते हुए, कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया गया है. उपायुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति जारी रहेगी.
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