गढ़वा में एंबुलेंस सेवा होगी अपग्रेड, मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं

Garhwa Ambulance Service Upgrade: गढ़वा में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार के नए मानकों के तहत 14 पुरानी एंबुलेंस सेवा से बाहर होंगी. उनकी जगह नए वाहन लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी.

प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट 

Garhwa Ambulance Service Upgrade : गढ़वा जिले में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है. सरकार के नए मानकों के अनुसार जिले की वैसी सभी एंबुलेंस को कंडम घोषित किया जाएगा, जो अपनी तय समय-सीमा पूरी कर चुकी हैं. झारखंड सरकार से मिले निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गढ़वा जिले में ऐसी एंबुलेंसों की सूची तैयार कर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है. अब इन पुरानी और जर्जर हो चुकी गाड़ियों की जगह नए चमचमाते वाहनों को  के लिए विभाग को अधियाचना भेजी गई है.

8 साल पुरानी एंबुलेंस होंगी स्क्रैप

सरकार द्वारा निर्धारित किए गए नए मापदंडों के मुताबिक, वैसी एंबुलेंस जो 8 साल पुरानी हो चुकी हैं या फिर 1.5 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुकी हैं, उन्हें सेवा के योग्य नहीं माना जाएगा, विभागीय स्तर पर इन्हें कंडम घोषित कर स्क्रैप (कबाड़) में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू की जानी है.

गढ़वा में 14 पुरानी एंबुलेंस, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

जानकारी के अनुसार, गढ़वा जिले में आपातकालीन ‘108 एंबुलेंस सेवा’ को छोड़ कर विभाग के पास कुल 14 ऐसी एंबुलेंस हैं, जो 8 साल से भी अधिक पुरानी हो चुकी हैं. इन गाड़ियों की स्थिति इतनी जर्जर है कि कई एंबुलेंस का स्पीडोमीटर और रनिंग मीटर भी काम करना बंद कर चुका है. ऐसे में मरीजों को समय पर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना भगवान भरोसे बना हुआ था.

234 नई एंबुलेंस से स्वास्थ्य सेवा होगी अपग्रेड

नई व्यवस्था लागू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार पूरे झारखंड में एंबुलेंस सेवा के नेटवर्क को पूरी तरह से अपग्रेड करने को लेकर बेहद गंभीर है. इसी कड़ी में पूरे राज्य के लिए 234 नई एंबुलेंस की खरीदारी की जा रही है. मुख्यालय के निर्देश पर सभी जिलों से कंडम हो चुकी गाड़ियों की रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके आलोक में गढ़वा स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी विस्तृत रिपोर्ट और नए वाहनों की मांग से संबंधित अधियाचना समय पर भेज दी है.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन 

गढ़वा के डॉक्टर जॉन एफ केनेडी, सिविल सर्जन कहते हैं कि पुरानी गाड़ियों के लगातार खराब होने से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर रेफरल अस्पतालों या रिम्स भेजने में परेशानी होती थी.नई एंबुलेंस आने के बाद जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों से भी गंभीर मरीजों को त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी. 

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Published by: Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह झारखंड बीट पर काम कर रही हैं, जहां वह खबरों को आसान भाषा में लिखती हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल बीट पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने हेल्थ, रेसिपी, मेहंदी डिजाइन और फैशन से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में भी काम किया है. उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से और मास्टर की पढ़ाई एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड से पूरी की है.

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