गढ़वा: नीति आयोग के मार्गदर्शन में आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, आंकड़ा आधारित प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने तथा विकास योजनाओं की सतत निगरानी के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय सभागार में नीति तारा (टूलकिट फॉर एनालिसिस, रिव्यू एंड एक्शन) विषय पर जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के लिए एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला आयोजित की गयी.
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि नीति तारा, नीति आयोग की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है, जो रियल-टाइम आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं की प्रगति की निगरानी, समीक्षा और साक्ष्य आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाती है.
उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के नियोजन, क्रियान्वयन, अनुश्रवण और परिणाम आधारित मूल्यांकन को नयी दिशा मिल सकेगी. उपायुक्त ने अधिकारियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा नीति तारा मंच का नियमित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की अपील की.
उन्होंने निर्देश दिया कि उपलब्ध आंकड़ों का लगातार विश्लेषण कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाये और आवश्यकतानुसार समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाये, ताकि शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बन सके. कार्यशाला के दौरान अधिकारियों व कर्मियों को नीति तारा मंच की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
इसमें रियल-टाइम डैशबोर्ड, योजना प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) आधारित बैठक कार्यवृत्त तैयार करने की सुविधा, आंकड़ा विश्लेषण तथा योजनाओं की समीक्षा एवं अनुश्रवण प्रणाली सहित विभिन्न मॉड्यूल की जानकारी दी गयी.
मौके पर उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, मझिआंव के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, नीति तारा के प्रशिक्षक दिलीप कुमार दुबे, सहायक प्रशिक्षक विश्वरूप मंडल सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.
