गढ़वा में DLSA का आउटरीच अभियान: पैसे के अभाव में नहीं रुकेगी न्याय की लड़ाई

गढ़वा के डंडा में जस्टिस ऑन व्हील्स कार्यक्रम के जरिए गरीबों को मुफ्त कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी गई।

गढ़वा. गढ़वा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से गुरुवार को डंडा प्रखंड में जस्टिस ऑन व्हील्स के माध्यम से एक दिवसीय कानूनी जागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में गरीब, वंचित और असहाय लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी गयी. साथ ही न्याय व्यवस्था से जुड़े उनके सवालों और संशयों का समाधान किया गया.

निर्धन लोगों को मुफ्त वकील उपलब्ध

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ नित्यानंद दूबे ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की उपयोगिता बतायी. उन्होंने कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी गरीब को न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटना पड़ेगा. डीएलएसए की ओर से आपराधिक मामलों में आरोपी या बंदी बनाये गये निर्धन लोगों को मुफ्त वकील उपलब्ध कराया जाता है. पुलिस रिमांड से लेकर अदालत में बहस और जमानत तक कानूनी सहायता निश्शुल्क दी जाती है.

मुफ्त कानूनी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 15100

उन्होंने बताया कि महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति और जनजाति के सदस्य, दिव्यांगजन, औद्योगिक मजदूर, आपदा पीड़ित तथा निर्धारित आय सीमा से कम आय वाले नागरिक मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 15100 पर फोन कर निशुल्क कानूनी परामर्श लिया जा सकता है. पात्र लोग व्यवहार न्यायालय परिसर, गढ़वा स्थित डीएलएसए कार्यालय में सादे कागज पर आवेदन दे सकते हैं. नालसा के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है.

साइबर अपराध से बचाव के प्रति भी लोगों को जागरूक

नित्यानंद दूबे ने साइबर अपराध से बचाव के प्रति भी लोगों को जागरूक किया. उन्होंने कहा कि साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर फोन कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए. स्थायी लोक अदालत के सदस्य मनोज दूबे ने बताया कि बिजली बिल, पेयजल आपूर्ति, बैंक लोन, बीमा दावे, टेलीफोन और सार्वजनिक परिवहन जैसी जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का निपटारा स्थायी लोक अदालत के माध्यम से कराया जा सकता है. इसके लिए कोर्ट फीस नहीं लगती और कम समय में विवादों का समाधान किया जा सकता है.

बाल विवाह और बाल मजदूरी

पैनल अधिवक्ता सत्य नारायण सिन्हा ने बाल विवाह और बाल मजदूरी के दुष्परिणाम तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. कार्यक्रम का संचालन स्थायी लोक अदालत की सदस्य तृप्ति ने किया. उन्होंने डीएलएसए में आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया.

नालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

डंडा के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रताप मिंज ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डीएलएसए के कार्यक्रम की सराहना की. कार्यक्रम में मौजूद पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) को गांव-गांव और टोले-मोहल्लों में जाकर नालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया.

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बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद

पीएलवी को वरिष्ठ नागरिकों, बाल सुरक्षा, असंगठित मजदूरों, घरेलू कामगारों और एसिड अटैक पीड़ितों से जुड़ी योजनाओं और कानूनी अधिकारों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी. मौके पर पीएलवी संगीता सिन्हा, सुनीता पांडेय, बीरेंद्र साव, नरेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By पियूष तिवारी

पियूष तिवारी गढ़वा जिले में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. ढाई दशक से भी अधिक के इस सुदीर्घ अनुभव में उन्होंने खोजी पत्रकारिता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया है. पेचीदा प्रशासनिक मामलों का तथ्यपरक विश्लेषण करना और छिपी हुई खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ सामने लाना उनकी कार्यशैली की मुख्य पहचान है.

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