Garhwa: ग्रामीणों को मुफ्त बांटने के लिए मिले 2000 क्विंटल अनाज पर लगे कीड़े, अब अधिकारी दे रहे ये सफाई

गाव वालों को फ्री वितरण के लिए मिले 2000 क्विंटल अनाज में कीड़े लग गये हैं. ये सिर्फ बोरे के अंदर ही नहीं बल्कि बोरे के ऊपर में भी यही स्थिति देखने को मिली है, अधिकारी का कहना है कि मेरे आने से पहले का ही मिला हुआ अनाज है

गढ़वा : जिले में कोराना काल के दौरान ग्रामीणों के बीच नि:शुल्क वितरण के लिए मिले 2000 क्विंटल अनाज में कीड़े लग गये हैं. यह अनाज गढ़वा प्रखंड कार्यालय के गोदाम में रखा हुआ है. अनाज के बोरे के अंदर ही नहीं, बल्कि ऊपर भी कीड़े फैल गये हैं. मिली जानकारी के अनुसार, पहले करीब 1300 क्विंटल खराब अनाज कार्डधारियों के बीच वितरण के लिए डीलरों को दे दिया गया है़, लेकिन करीब दो हजार क्विंटल अनाज अब भी गोदाम में पड़ा है.

जर्जर छत जर्जर से टपक रहा पानी :

गढ़वा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में ही हल्का कर्मचारियों का कार्यालय है. उसके बगल में स्थित बड़े गोदाम में यह अनाज रखा हुआ है. एसबेस्टस से बने गोदाम की छत जर्जर स्थिति में है़ इस कारण ऊपर से बारिश का पानी व नमी अनाज तक पहुंच रही है, जिससे अनाज खराब हो गये हैं. बताया गया कि छह माह से ज्यादा समय से यह अनाज वहां रखा है़ इस अनाज का वितरण किन कारणों से नहीं किया गया, इसके बारे में पदाधिकारी स्पष्ट नहीं बता प��� रहे है़ं

पहले सात क्विंटल चना भी खराब हुआ था :

इससे पूर्व साल 2020 में भी कोरोना काल में जो चना वितरण के लिए मिला था, उसमें से करीब सात क्विंटल चना गोदाम में ही खराब हो गया था़ इसकी जानकारी मिलने के बाद राज्य सरकार ने जांच कमेटी बनायी थी, जिसने हाल ही में गढ़वा आकर जांच की है़ उसके बाद यह दूसरी बार है, जब कोरोना काल में नि:शुल्क वितरण के लिए प्राप्त अनाज खराब हुआ है़ बताया गया कि गढ़वा जिले में बेहतर संरचना वाला सूखा व बढ़िया गोदाम नहीं है. इससे रखरखाव के अभाव में अनाज खराब हो रहा है.

मेरे प्रभार लेने से पहले का है अनाज : चंद्रदेव

गोदाम मैनेजर चंद्रदेव तिवारी ने बताया कि उनके प्रभार लेने से पहले से यह अनाज, जिसमें गेहूं व चावल दोनों हैं, रखे हुए थे़ प्रभार लेने के बाद वह इसका वितरण करा रहे हैं.

पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं : डॉ प्रमोद

गढ़वा सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ कुमार प्रशांत प्रमोद का कहना है कि किसी भी अनाज में यदि कीड़े लग गये हैं, तो वह उसका पोषक तत्व चूस लेते हैं. इसके सेवन से पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं. इनमें डायरिया प्रमुख है.

Posted By : Sameer Oraon

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >