मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन पर पूर्व मंत्री रामचंद्र केशरी ने जताया शोक, कहा- व्यक्तिगत क्षति

झारखंड के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर पूर्व मंत्री रामचंद्र केशरी ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोनू के व्यक्तित्व और जनसेवा को याद किया।

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा).  झारखंड सरकार के मंत्री सह गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर पूर्व मंत्री रामचंद्र केशरी ने गहरा दुःख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है. रामचंद्र केशरी ने कहा कि दोनों के बीच आत्मीय संबंध थे. मुलाकात होने पर घंटों राजनीतिक और झारखंड से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होती थी. उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का सहज स्वभाव, आत्मीय व्यवहार, जुझारूपन और जनसेवा के प्रति समर्पण हमेशा स्मरणीय रहेगा.

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राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति

पूर्व मंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू के असमय निधन से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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