प्रकृति पूजा से दूर होने के कारण बढ़ रहा है पर्यावरण संकट

प्रकृति पूजा से दूर होने के कारण बढ़ रहा है पर्यावरण संकट

गढ़वा. सरहुल के अवसर पर गढ़वा शहर में विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सरना समिति गढ़वा और वनवासी कल्याण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में रामलला मंदिर में सुबह प्रकृति की पूजा की गयी. इसमें जिले के विभिन्न गांवों से काफी संख्या में आदिवासी परिवार के महिला व पुरुषों ने भाग लिया. सभी लोगों ने सरना गीत के बीच पूजा-अर्चना की और प्रसाद का वितरण किया गया. इसके बाद रामलला मंदिर से मांदर और नगाड़े के साथ आदिवासी समुदाय के महिला-पुरुषों ने नृत्य करते हुए जुलूस निकाला. ध्वनि विस्तारक यंत्र के बीच मांदर की थाप में आदिवासी बालक-बालिकाओं का नृत्य लोगों को काफी आकर्षित कर रहा था. जुलूस में काफी संख्या में स्थानीय नेता एवं समाजसेवी शामिल हुए. रामलला मंदिर से निकला जुलूस : जुलूस स्थानीय रामलला मंदिर से चलकर गढ़वा मुख्य पथ होते हुए रंका मोड़ हनुमान मंदिर तक गया. वहां पहुंच कर पूजा-अर्चना के बाद जुलूस का समापन किया गया. इस अवसर पर उपस्थित वनवासी कल्याण केंद्र के विभाग संगठन मंत्री शोभन उरांव ने कहा कि प्रकृति से ही हमारा जीवन है. प्रकृति है, तो सभी का जीवन है. प्रकृति की पूजा हमारी संस्कृति का हिस्सा है. पूर्वजों ने काफी सोच-समझकर इस परंपरा को शुरू किया है. आज हम सबको प्रकृति के संरक्षण और पोषण करने का संकल्प लेना चाहिए. ग्लोबल वार्मिंग का संकट होगा और भयावह : आज पर्यावरण पर जिस प्रकार का संकट आया है, वह हम सबके प्रकृति की पूजा व हमारी संस्कृति से भटकने के कारण हुआ है. यदि अब भी लोग चेतकर अपनी प्राचीन संस्कृति में नहीं लौटे, तो जिस प्रकार हम आज ग्लोबल वार्मिंग का संकट झेल रहे हैं, वह आनेवाले दिनों में और भयावह हो जायेगा. तब जीवन पर संकट आ जायेगा. अन्न-जल के लिए लोगों को तरसना पड़ेगा. कार्यक्रम में सरना समिति गढ़वा के अध्यक्ष धनंजय गौड़ ने कहा कि सरहुल आदिवासियों का सबसे प्रमुख पर्व है. इसमेें हम सब प्रकृति की पूजा करते हैं. प्रकृति की पूजा के साथ ही हम प्रकृति को बचाने का भी संकल्प लेते हैं. उपस्थित लोग : इस अवसर पर भाजपा नेता अलख नाथ पांडेय, समाजसेवी डॉ पातंजलि केसरी, ब्रजेश उपाध्याय, सन्नी चंद्रवंशी, वनवासी कल्याण केंद्र के जिला सचिव अनिल कुमार, जिला संगठन मंत्री योगेंद्र प्रसाद, प्रीतम गौड़, चंदन गौड़ व विजय उरांव सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.

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By Sanjay

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