अब गांव के बच्चे बनाएंगे रोबोट, सिरियाटोंगर में तीन दिवसीय रोबोटिक्स कार्यशाला का समापन

श्री बंशीधर नगर के बिरला ओपन माइंड्स स्कूल में रोबोटिक्स कार्यशाला का समापन, ग्रामीण बच्चों ने आधुनिक तकनीक और कोडिंग सीखकर भविष्य को संवारा।

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा): शिक्षा और संसाधनों के मामले में आमतौर पर पिछड़े माने जाने वाले इस सुदूर ग्रामीण इलाके में अब तकनीकी क्रांति की नई बयार बह रही है . क्षेत्र के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक शिक्षा और नवाचार से जोड़ने की एक अनोखी पहल की गई है . सिरियाटोंगर स्थित बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय रोबोटिक्स कार्यशाला का समापन हुआ . इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पिछड़े क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, रोबोटिक्स और कोडिंग से जोड़कर उनके भीतर छिपे वैज्ञानिक दृष्टिकोण को तराशना है .

विद्यार्थियों को रोबोटिक्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यशाला का शुभारंभ 20 अगस्त 2026 को विद्यालय के निदेशक मनीष सिंह और प्राचार्य रविश प्रजापति ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया था . तीन दिनों तक चले इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में आइआइटी दिल्ली के विशेषज्ञ यश गुप्ता और आराध्या ने विद्यार्थियों को रोबोटिक्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया . इस दौरान ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ रोबोट असेंबलिंग, कोडिंग, सर्किट डिजाइनिंग और रोबोट संचालन की बारीकियां सीखीं

रोबोट फुटबॉल प्रतियोगिता

समापन दिवस पर कार्यशाला का सबसे आकर्षक केंद्र 'रोबोट फुटबॉल प्रतियोगिता' रहा . विद्यार्थियों द्वारा खुद तैयार किए गए रोबोट्स के माध्यम से जब फुटबॉल का मुकाबला हुआ, तो पूरा एरिना तालियों से गूंज उठा . छात्रों ने अपने तकनीकी कौशल और रचनात्मक सोच (नवाचार) का शानदार प्रदर्शन किया . कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए . इसके अलावा, आइआइटी दिल्ली से आए प्रशिक्षकों द्वारा लिखित परीक्षा और एरिना राउंड के प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभाशाली छात्रों का चयन किया जाएगा .

प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना

समापन समारोह में मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष साधना देवी और वरिष्ठ पत्रकार धीरेंद्र चौबे उपस्थित थे . उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार रोबोट्स और उनके प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना की . उन्होंने कहा कि बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल इस सुदूर इलाके में बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर एक सराहनीय और ऐतिहासिक कार्य कर रहा है.

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पिछड़े इलाके को तकनीक से आगे ले जाने का संकल्प

बिरेन्द्र सिंह (अध्यक्ष): -हमारा विद्यालय इस पिछड़े क्षेत्र के बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि आधुनिक और व्यावहारिक शिक्षा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है . मनीष सिंह (निदेशक): -"ऐसी कार्यशालाएं बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीकी ज्ञान और नवाचार की भावना को विकसित करती हैं, जो आज के युग की सबसे बड़ी जरूरत है . युवराज सिंह (उप-निदेशक):- विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी काबिले-तारीफ है . उन्हें नई तकनीकों को सीखने के लिए सदैव उत्सुक रहना चाहिए . रविश प्रजापति (प्राचार्य):- "ऐसी गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास, टीम भावना और समस्या-समाधान की क्षमता को मजबूत बनाती हैं .

समारोह में इनकी रही उपस्थिति

इस आयोजन को सफल बनाने में कार्यशाला के कॉर्डिनेटर राज कुमार, आसिफ अली, राकेश मिश्रा और अनामिका प्रजापति की मुख्य भूमिका रही . मौके पर शिक्षिकाएं भावना ओझा, गार्गी जायसवाल, प्राची पाठक, कोमल केसरी, नीतू सिंह, परामर्शदाता रिचा सिंह तथा शिक्षक उत्सव उमंग, अभिषेक पांडेय, मुकेश कुमार, विकास कुमार, मुस्कान सिंह और मुकेश चंद्रा सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित था .


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लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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