पारिस्थितिकी : स्थायी आर्थिकी पुस्तक का लोकार्पण

सुंदरलाल बहुगुणा के पर्यावरण दर्शन पर आधारित कृति का विमोचन

सुंदरलाल बहुगुणा के पर्यावरण दर्शन पर आधारित कृति का विमोचन मेदिनीनगर. चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदरलाल बहुगुणा के सत्याग्रह और उनकी पर्यावरणीय दार्शनिकता पर आधारित पुस्तक इकोलॉजी फॉर परमानेंट इकोनॉमी का हिंदी अनुवाद पारिस्थितिकी : स्थायी आर्थिकी’ शीर्षक से प्रकाशित हुआ है. इस पुस्तक का लोकार्पण आकाश बाग भवन में आयोजित कार्यक्रम में टेक्सास विश्वविद्यालय (अमेरिका) के प्रोफेसर जॉर्ज एल्फ्रेड जेम्स, कर्नाटक में चिपको आंदोलन के संचालक पांडुरंग हेगड़े तथा पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल ने संयुक्त रूप से किया. मूल अंग्रेजी पुस्तक के लेखक प्रो. जॉर्ज एल्फ्रेड जेम्स हैं, जबकि इसका हिंदी अनुवाद सुंदरलाल बहुगुणा की बहू डॉ. अर्चना बहुगुणा ने किया है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. जेम्स ने कहा कि वे सुंदरलाल बहुगुणा से मिलने के लिए लगातार दस वर्षों तक भारत आते रहे. उनके विचारों और कार्यों से गहरे रूप से प्रभावित होकर ही उन्होंने यह पुस्तक लिखी. उन्होंने हिंदी अनुवाद के लिए डॉ. अर्चना बहुगुणा के प्रति आभार व्यक्त किया. साथ ही कौशल किशोर जायसवाल ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की. प्रो. जेम्स के अंग्रेजी भाषण का हिंदी अनुवाद पांडुरंग हेगड़े ने उपस्थित लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया. कार्यक्रम में कवयित्री अनुपमा तिवारी, कवि राकेश कुमार, अनुज कुमार पाठक, रमेश कुमार सिंह एवं रीना प्रेम दुबे ने अतिथियों का स्वागत ‘चलें छंद की ओर’ पुस्तक भेंटकर किया. मौके पर शालिनी श्रीवास्तव, डाली पंचायत की मुखिया पूनम जायसवाल, छतरपुर पूर्वी के जिला पार्षद अमित कुमार जायसवाल, अरुण कुमार जायसवाल, रिमझिम सिंह, मिट्ठू सिंह, हेम सिंह, पिंकी सिंह सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं पर्यावरणविद उपस्थित थे।

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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