गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले को डेंगू के डंक से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान शुरू किया है. सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में आयोजित विशेष कार्यशाला में डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने आम जनमानस से डेंगू के खिलाफ इस लड़ाई में सीधे भागीदारी निभाने की अपील की है. विभाग ने इस मुहिम का मुख्य मंत्र “जांच करें, सफाई करें और ढकें” तय किया है. स्वास्थ्य विभाग का विशेष जोर इस बात पर है कि डेंगू एक खतरनाक विषाणु जनित रोग है, जो संक्रमित मादा एडिस मच्छर के काटने से फैलता है. इस बीमारी से बचाव के लिए कोई सटीक टीका या दवा उपलब्ध नहीं है, इसलिए केवल जागरूकता और सतर्कता से ही इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है.
सप्ताह में एक दिन ‘सूखा दिवस’ की अपील
सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि हर परिवार को सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘सूखा दिवस’ के रूप में मनाना चाहिए. इसके तहत लोगों को अपने घरों में यह काम करना है: कूलर, गमले, ड्रम और अन्य जल पात्रों का पानी पूरी तरह खाली करें. उन्हें अच्छी तरह रगड़कर धोएं और सुखाने के बाद ही दोबारा पानी भरें. ऐसा करने से पानी के बर्तनों में छिपे मच्छरों के अंडे और लार्वा तुरंत मर जाएंगे और उनकी ब्रीडिंग रुक जाएगी.
बुखार को हल्के में न लें
सिविल सर्जन डॉ केनेडी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के बुखार को हल्के में न ले. बुखार आने पर खुद से डॉक्टर बनने या दवा दुकान से लेकर टैबलेट खाने की भूल बिल्कुल न करें. ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य उपकेन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करें.
मानसून में डेंगू संक्रमण का खतरा
कार्यशाला में जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. संतोष मिश्रा ने आगाह किया कि मानसून के आने के दौरान और उसके ठीक बाद डेंगू का संक्रमण तेजी से फैलता है. इसके लिए जन समुदाय के व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है.
डेंगू से बचाव के अचूक उपाय और मच्छर नियंत्रण
जिला वीबीडी सलाहकार अरविन्द कुमार द्विवेदी ने बचाव के तीन अचूक तरीके बताए कि डेंगू फैलाने वाला एडिस मच्छर हमेशा दिन के उजाले में काटता है, इसलिए इससे बचने के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना जरूरी है. यह मच्छर गंदे नाले में नहीं, बल्कि घरों के अंदर या आसपास जमे हुए साफ पानी में अंडे देता है, इसलिए कूलर का पानी हर हफ्ते बदलें और घरों की छत या आंगन में पड़े नारियल के खोपड़े, डिस्पोजेबल ग्लास, कबाड़ बर्तन और पुराने टायरों को नष्ट करें जिससे उनमें बारिश का पानी जमा न हो सके. इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अलावा कई अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए. इनमें मुख्य रूप से सिटी मैनेजर रोहित राहुल समद, शिक्षा विभाग के एडीपीओ कुलदीपक अग्रवाल, महिला पर्यवेक्षिका राणा तबस्सुम, जेएसएलपीएस से अंकित, डीपीसी रोहित सिंह, अभिषेक सिंह, कुमार संजीव शरण, चंदन कुमार पाल, राज कुमार वर्मा, संतोष कुमार, सुनील पाण्डेय, नुरुल्लाह अंसारी, रौशन कुमार, विकाश कुमार चंदेल, अजीत सिंह और पिरामल फाउंडेशन से जहीर अंसारी उपस्थित थे. इन सभी से अपने-अपने स्तर पर आम लोगों के बीच डेंगू से बचाव की जानकारियों को प्रसारित करने की अपील की गई है.
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