धुरकी, गढ़वा: 15 साल की उम्र में ही मेरे माता-पिता का साया मेरे सिर से उठ गया था. तब से आज तक मैं समाज के बीच रहकर लोगों की सेवा कर रहा हूँ. मैं उस पिता का बेटा हूँ, जिन्होंने मुझे गरीब व मजलूमों की सेवा का संस्कार दिया है. उक्त बातें सामाजिक कार्यकर्ता दीपक प्रताप देव ने रविवार को खुटिया गांव के मुख्य चौराहे पर विश्व आदिवासी दिवस पखवाड़े को संबोधित करते हुए कही.
अपनी अलग राह पकड़ चुके दीपक
विधायक अनंत प्रताप देव से बगावत कर अपनी अलग राह पकड़ चुके दीपक प्रताप देव ने कहा कि वर्तमान व पूर्व विधायकों ने गरीब, आदिवासी व दलितों का सिर्फ वोट लिया और उन्हें छलने का काम किया. यदि जनता का आशीर्वाद मिला, तो क्षेत्र के विकास का सपना जरूर पूरा होगा. उन्होंने घोषणा की कि चुनाव से पूर्व भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के हर गांव में आवश्यकतानुसार एक जर्जर सड़क को दुरुस्त कराएंगे तथा पेयजल संकट वाले गांवों में चापाकल लगवाकर प्यास बुझाने का काम करेंगे. इसके बाद ही वे जनता से वोट मांगने आएंगे.
मार्गदर्शक दिशोम गुरु शिबू सोरेन
उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शक दिशोम गुरु शिबू सोरेन ही हैं. आज आदिवासियों को जो हक व अधिकार मिला है, वह शिबू सोरेन के त्याग और बलिदान का ही परिणाम है. उन्होंने आदिवासी समाज से शिक्षित बनने, नशामुक्त रहने तथा सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया.
ये भी पढ़ें: गढ़वा: चार स्टेडियम, करोड़ों खर्च फिर भी खेल सुविधाएं बेकार; अब नए स्टेडियम की तैयारी
विधायक ने पिता की विरासत को असफल कर दिया
दीपक प्रताप देव ने वर्तमान विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि वे भाषणों में कहते हैं कि वे ऐसे पिता के बेटे हैं जिनके दामन में दाग नहीं है, लेकिन उन्होंने पिता की विरासत को असफल कर दिया और क्षेत्र का विकास रुक गया. कार्यक्रम का संचालन कमलेश सिंह गौड़ ने किया. वहीं विशिष्ट अतिथि राजकिशोर सिंह, मनोज सिंह, शिक्षक मुन्ना भारती, भुवनेश्वर गौड़, राम रतन गौड़, रामकेश गौड़, परदेसी गौड़, गुप्ता गौड़, मुन्नालाल गौड़ व इंद्रदेव गौड़ ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर सभी ने एकजुट होकर हक व अधिकार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया.
