गढ़वा. झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के बैनर तले जिले की सेविकाओं और सहायिकाओं ने विभिन्न मांगों को लेकर उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा है. यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो 11 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जायेगा.
सरकारी दर और बाजार दर में तीन गुना अंतर
यूनियन के प्रदेश कार्यकारी बाल मुकुन्द सिन्हा के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दिये जाने वाले पोषाहार की सरकारी दर और वर्तमान बाजार दर में करीब तीन गुना का अंतर हो गया है. बाजार में चीनी, रिफाइंड तेल और दाल जैसी जरूरी सामग्री की कीमतें काफी बढ़ गयी हैं. ऐसे में पुरानी सरकारी दर पर पोषाहार सामग्री खरीदना सेविकाओं के लिए मुश्किल हो गया है.
आठ महीनों से लंबित बकाया राशि
यूनियन का कहना है कि दर में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण बच्चों को पक्का भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है. सेविकाओं और सहायिकाओं ने पोषाहार सामग्री की सरकारी दर को वर्तमान बाजार दर के अनुसार संशोधित करने की मांग की है. इसके साथ ही पोषाहार के लिए नगद भुगतान की व्यवस्था करने और पिछले आठ महीनों से लंबित बकाया राशि का अविलंब भुगतान करने की मांग भी की गयी है. यूनियन ने कहा है कि इन मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो 11 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जायेगा.
