Garhwa News: हजारों की भीड़ से सन्नाटे तक, भवनाथपुर में ऐसे बदली विश्वकर्मा पूजा की तस्वीर

भवनाथपुर कभी अपनी भव्य विश्वकर्मा पूजा के लिए जाना जाता था, जहां हजारों की भीड़ उमड़ती थी. क्रशिंग प्लांट के बंद होने के साथ ही यह उत्सव अब अतीत की बात रह गया है.

भवनाथपुर. पलामू प्रमंडल के भवनाथपुर में क्रशिंग प्लांट होने के कारण इसे औद्योगिक नगरी के नाम से जाना जाता था. यहां विश्वकर्मा पूजा की धूम रहती थी. भव्य आयोजन को देखने के लिए भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से हजारों लोग पहुंचते थे. विश्वकर्मा पूजा की तैयारी 15 दिन पहले से ही शुरू हो जाती थी.

हर विभाग में होती थी प्रतिमा की स्थापना

क्रशिंग प्लांट के हर विभाग में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती थी. आम लोगों के लिए भी क्रशिंग प्लांट को खोल दिया जाता था. पूजा के दौरान यहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ती थी. लेकिन अब क्रशिंग प्लांट का अस्तित्व समाप्त हो चुका है. वर्ष 2025 में इसकी नीलामी भी हो गयी.

पूजा की भव्यता अब यादों में सिमटी

क्रशिंग प्लांट के खत्म होने के साथ ही भवनाथपुर की विश्वकर्मा पूजा भी अब यादों में सिमट कर रह गयी है. आज भवनाथपुर टाउनशिप में सन्नाटा पसरा हुआ है. पूजा के नाम पर माइंस अस्पताल सह प्रशासनिक भवन में बिजली विभाग में काम करने वाले तीन अनुबंध कर्मी ही प्रतिमा स्थापित कर पूजा कर रहे हैं.

1970 के दशक में हुई थी स्थापना

भवनाथपुर के टाउनशिप में 1970 के दशक में तब एशिया के सबसे बड़े क्रशिंग प्लांट की स्थापना हुई थी. इसके लिए घाघरा, गुड़गांवा, सरैया में चूना पत्थर खदान तथा तुलसीदामर डोलोमाइट खदान खोला गया था.

तीनों खदानों को मिलाकर करीब 3 हजार मजदूर उत्पादन तथा लोडिंग का काम करते थे. वहीं क्रशिंग प्लांट में तीन शिफ्ट में कुल 1200 सेल कर्मी काम करते थे.

1990 में बंद कर दिया गया क्रशिंग प्लांट

1990 में इस क्रशिंग प्लांट को बंद कर दिया गया. इसके बाद धीरे-धीरे कर्मचारियों का स्थानांतरण सेल के दूसरे प्रतिष्ठानों में किया जाने लगा. वर्ष 2014 में घाघरा चूना पत्थर खदान तथा 16 फरवरी 2020 में तुलसीदामर डोलोमाइट खदान बंद कर दिया गया. अब हालात यह है कि यहां दो अधिकारी तथा पांच कर्मचारी ही बचे हुए हैं.

ये भी पढ़ें: Garhwa News: हर दिन करीब 6 लोगों को डस रहा सांप, गढ़वा में 78 दिन में 435 सर्पदंश के मामले

क्रशिंग प्लांट के बाद अब पावर प्लांट पर राजनीति

सेल प्रबंधन ने वर्ष 2025 में क्रशिंग प्लांट की नीलामी कर दी. इसके बाद वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक के बीच सोशल मीडिया पर खूब राजनीति हुई. लेकिन क्रशिंग प्लांट को कटने से कोई नहीं रोक पाया. अब पावर प्लांट को लेकर राजनीति हो रही है. वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक दोनों के बीच पावर प्लांट को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक द्वंद्व चल रहा है.

ये भी पढ़ें: गढ़वा : जायंट्स सेवा सप्ताह के पहले दिन 300 फलदार व छायादार पौधों का वितरण

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >