कॉफी विद एसडीएम: गढ़वा में 10 जून को सजेगी 'चर्चा की मेज', पर्यावरण और सामाजिक संगठनों को बुलावा

Coffee With SDM: गढ़वा में प्रशासन और समाज के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की पहल के तहत 'कॉफी विद एसडीएम' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. इसमें सामाजिक संगठनों और एनजीओ के प्रतिनिधि विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव साझा करेंगे.

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट 

Coffee With SDM: प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने के लिए गढ़वा अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार की ओर से शुरू किया गया अनूठा संवाद कार्यक्रम “कॉफी विद एसडीएम” इस सप्ताह एक खास थीम के साथ आयोजित होने जा रहा है. आगामी बुधवार, 10 जून को होने वाली इस बैठक में जिले के तमाम सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं  को आमंत्रित किया गया है. यह कार्यक्रम बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे से अनुमंडल कार्यालय के सभागार में आयोजित किया जाएगा, जहां चाय-कॉफी की चुस्कियों के बीच गढ़वा के विकास का रोडमैप तैयार होगा.

सामाजिक संगठनों को संवाद कार्यक्रम में आमंत्रण 

संवाद कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है. सामाजिक और सामुदायिक कार्यों में जुटे संगठनों के पास जमीनी हकीकत का गहरा अनुभव होता है. उनके पास कई ऐसे नवाचारपूर्ण सुझाव होते हैं, जिनका उपयोग कर हम जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बना सकते हैं. इस कार्यक्रम के जरिए सभी प्रतिनिधियों को अपने विचार और सुझाव सीधे साझा करने का मंच मिलेगा. अनुमंडल प्रशासन ने गढ़वा और मेराल क्षेत्र के सभी इच्छुक सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और एनजीओ प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे बुधवार को निर्धारित समय (सुबह 11 बजे) पर अनुमंडल कार्यालय सभागार पहुंचकर इस संवाद को सफल बनाएं और गढ़वा के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें.

कॉफी विद एसडीएम’ की बड़ी बातें

  • किन्हें मिला है आमंत्रण: -गढ़वा शहर और मेराल क्षेत्र में सक्रिय सभी पंजीकृत  और गैर-पंजीकृत  सामाजिक संगठन और एनजीओ इसमें हिस्सा ले सकते हैं.
  • इन प्रमुख मुद्दों पर होगी बात:- बैठक में मुख्य रूप से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, सरस्वतिया नदी संरक्षण, वृक्षारोपण, सामुदायिक विकास, नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा जैसे जनहित के मुद्दों पर विमर्श होगा.
  • अनुभवों का होगा आदान-प्रदान: -प्रशासन का मानना है कि जमीन पर काम करने वाले इन संगठनों के पास बेहतरीन प्रैक्टिकल अनुभव और इनोवेटिव आइडियाज होते हैं, जो सरकारी योजनाओं को बेहतर बनाने में मददगार साबित होंगे.

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Published by: Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह झारखंड बीट पर काम कर रही हैं, जहां वह खबरों को आसान भाषा में लिखती हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल बीट पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने हेल्थ, रेसिपी, मेहंदी डिजाइन और फैशन से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में भी काम किया है. उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से और मास्टर की पढ़ाई एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड से पूरी की है.

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