गढ़वा: विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एस आई आर-2026) के दौरान निर्वाचन कार्यों में लापरवाही और अवैध वसूली की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. भवनाथपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-81 के मतदान केन्द्र संख्या-406 की बीएलओ कुसुम देवी को मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर पैसे मांगने के आरोप में निर्वाचन कार्य से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है.
जांच में आरोप सही, बीएलओ हटाई गई
कुसुम देवी धुरकी प्रखंड के झलका आंगनबाड़ी केन्द्र में आंगनबाड़ी सेविका के पद पर कार्यरत हैं. यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो की जांच के बाद की गई है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा के निर्देश पर धुरकी के प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने मामले की गहन जांच की. जांच प्रतिवेदन में वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए और बीएलओ द्वारा प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण व डिजिटाइजेशन के नाम पर अवैध राशि मांगने की पुष्टि हुई. इसके बाद भवनाथपुर के अनुमंडल पदाधिकारी-सह-निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी की अनुशंसा पर जिला प्रशासन ने उन्हें कार्य से मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया.
पैसे मांगने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं, दोषी सीधे जाएंगे जेल: उपायुक्त मामले को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने सख्त लहजे में कहा है कि निर्वाचन कार्यों में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, लापरवाही या अनुचित आचरण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि SIR-2026 के दौरान यदि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, बीएलओ या अन्य कर्मी द्वारा पैसे मांगने या किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोरतम अनुशासनात्मक और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. उपायुक्त ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
पैसे मांगने पर तुरंत करें शिकायत, हेल्पलाइन जारी
शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी, आम जनता से सहयोग की अपील जिला प्रशासन ने आम मतदाताओं से अपील की है कि SIR-2026 प्रक्रिया के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी काम के बदले पैसों की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके. इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता की सहूलियत के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जिसमें पुलिस हेल्पलाइन के लिए 112, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098, झार जल टोल फ्री नंबर 1800-3456-502 और व्हाट्सएप नंबर 9470176901 शामिल हैं. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि इस अभियान के तहत "कोई भी योग्य नागरिक छूट न जाए और किसी भी अयोग्य व्यक्ति को शामिल न किया जाए.
