भवनाथपुर, गढ़वा : सामाजिक वानिकी वन प्रमंडल, गढ़वा के तत्वावधान में भवनाथपुर के झगड़ाखांड़ राज्यकृत प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में 77वां वन महोत्सव मनाया गया. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की. इसके बाद विद्यालय परिसर में आम, जामुन, सागवान, करंज समेत विभिन्न प्रजातियों के फलदार और छायादार पौधे लगाये गये.
एक पौधा लगाना बच्चे को पालने जैसा : प्रमोद कुमार
सहायक वन संरक्षक प्रमोद कुमार ने कहा कि वन है तो जीवन है. पर्यावरण संतुलन बिगड़ने और ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने के दौर में अधिक से अधिक पौधरोपण जरूरी है. उन्होंने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधा लगाने का त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपने दायित्व को समझने का अवसर है.
उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना एक बच्चे को पालने जैसा है. इसलिए सभी लोगों को कम से कम एक पौधा लगाने के साथ उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए.
छात्रों से पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी की अपील
सहायक वन संरक्षक ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे देश के भविष्य हैं. अपने घर, आंगन और विद्यालय परिसर में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें. उन्होंने कहा कि सामाजिक वानिकी विभाग गांवों को हरा-भरा बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.
उन्होंने कहा कि पेड़ों से ऑक्सीजन, फल और लकड़ी के साथ मिट्टी के कटाव को रोकने में भी मदद मिलती है. पेड़ वर्षा चक्र के लिए भी महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में वनों की कटाई रोकना और अधिक से अधिक पौधे लगाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.
जनप्रतिनिधि और वनकर्मी रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख शोभा देवी, जिला परिषद सदस्य रजनी शर्मा, झगड़ाखांड़ उच्च विद्यालय के प्राचार्य वरुण कुमार और थाना प्रभारी रजनी रंजन अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.
वन विभाग की ओर से भवनाथपुर के वनपाल सुनील राय, बरडीहा के वनपाल अनुप सिंह, हरिहरपुर के वनपाल निशांत कुमार समेत सभी वनकर्मी मौजूद थे.
