सुदिव्य सोनू के निधन से शोक में भानु शाही, बोले- परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दे ईश्वर

झारखंड के नेता सुदिव्य सोनू के निधन पर पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

गढ़वा : झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने गहरा शोक जताया है. उन्होंने सुदिव्य सोनू के असमय निधन को बेहद दुखद और मर्माहत करने वाला बताया.

भानु प्रताप शाही ने कहा कि इतनी कम उम्र में सुदिव्य सोनू का निधन परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों के लिए बेहद पीड़ादायक है. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की.

पूर्व मंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में उनकी गहरी संवेदना शोकाकुल परिवार और सुदिव्य सोनू के समर्थकों के साथ है. उन्होंने ईश्वर से परिजनों और करीबियों को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की. शाही ने अपने शोक संदेश का समापन ‘ॐ शांति’ के साथ किया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >