मझिआंव,गढ़वा: प्रखंड में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. मामले की जांच के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने 13 अगस्त को पत्र जारी कर मझिआंव के बीडीओ से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
मामला आछोडीह गांव से जुड़ा है. गांव निवासी आनंद कुमार दुबे ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि मझिआंव के तत्कालीन पंचायत सचिव सुरेश कुमार सिंह ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने बीडीओ को आवेदन में उल्लेखित सभी बिंदुओं की स्थल जांच कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति से उपायुक्त को अवगत कराया जा सके.
यह भी पढ़ें : पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर के आवास पर विधायकों का जुटान, रुद्राभिषेक कार्यक्रम में हुए शामिल
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से जुड़ा मामला
शिकायतकर्ता का दावा है कि जिस व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र हाल में जारी किया गया, उसकी मृत्यु से करीब चार वर्ष पहले ही उसकी पत्नी को तत्कालीन उपायुक्त के हाथों राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ मिल चुका था. ऐसे में पहले ही पारिवारिक लाभ प्राप्त कर चुकी महिला के पति का दोबारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
हालांकि, मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी है या नहीं और इसे जारी करने में किसकी भूमिका रही, यह प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. जिला प्रशासन ने बीडीओ को मामले के सभी तथ्यों की जांच कर निर्धारित समय में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पंचायत सचिव या अन्य जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है.
