21 सितंबर को होगा बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह, राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथि

गढ़वा के बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय में 21 सितंबर को पहला दीक्षांत समारोह आयोजित होगा. राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे. समारोह के लिए विश्वविद्यालय परिसर में विशेष तैयारियां की जा रही हैं.

गढ़वाः फरठिया स्थित बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय अपने पहले दीक्षांत समारोह के साथ एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगा. विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह 21 सितंबर को आयोजित किया जाएगा. समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. पहले दीक्षांत समारोह को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.

सुबह 10 बजे शुरू होगा समारोह

विश्वविद्यालय प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, दीक्षांत समारोह सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित गुरूपद संभव राम जी सभागार में शुरू होगा. समारोह के दौरान शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी. इस अवसर पर राज्यपाल संतोष गंगवार विद्यार्थियों को संबोधित भी करेंगे.

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सभागार और मंच को दिया जा रहा अंतिम रूप

दीक्षांत समारोह को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. सभागार, मंच सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. समारोह को लेकर विश्वविद्यालय के पदाधिकारी और कर्मचारी तैयारियों में जुटे हैं. विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य लोग शामिल होंगे. समारोह को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल है.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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