भवनाथपुर, गढ़वा : राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय, भवनाथपुर में योग प्रशिक्षक पद के चयन में अनियमितता और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए योग प्रशिक्षक शंकर प्रिय ने 5 सितंबर से भवनाथपुर प्रखंड परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन करने की घोषणा की है. इस संबंध में उन्होंने 1 सितंबर को गढ़वा उपायुक्त और श्री बंशीधर नगर के अनुमंडल पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले से अवगत कराया है.
अनुभवी अभ्यर्थी को नजरअंदाज करने का आरोप
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शंकर प्रिय ने आरोप लगाया है कि राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय, भवनाथपुर में योग प्रशिक्षक पद के चयन में वर्षों के अनुभवी अभ्यर्थी को नजरअंदाज कर कथित रूप से फर्जी प्रमाणपत्र धारक और अनुभवहीन अभ्यर्थी का चयन किया गया है. उन्होंने दावा किया कि चयनित अभ्यर्थी श्रवण कुमार पटेल ने कोई परीक्षा पास नहीं की है.
शंकर प्रिय के अनुसार, इससे पहले विज्ञापन संख्या 01/2025 के तहत उनका चयन हुआ था. उनका आरोप है कि जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर दबाव बनाकर उनसे त्यागपत्र दिलवाया गया और दोबारा पदस्थापन का आश्वासन दिया गया. उनका कहना है कि बाद में उनके साथ छल किया गया.
300 दिनों में करीब 75 हजार रुपये के नुकसान का दावा
शंकर प्रिय ने बताया कि नये विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत जारी चयन सूची में उनका पदस्थापन भवनाथपुर से करीब 12 किलोमीटर दूर तुलसीदामर में कर दिया गया. उनके अनुसार चयन सूची 10 अगस्त 2026 को जारी हुई थी.
उन्होंने दावा किया कि 4 नवंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक करीब 300 दिनों में उन्हें लगभग 75 हजार रुपये के मानदेय का आर्थिक नुकसान हुआ है.
प्रशासन से जांच और न्याय की मांग
शंकर प्रिय ने कहा कि चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितता, मानसिक उत्पीड़न और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए वह 5 सितंबर से आमरण अनशन करेंगे. उन्होंने कहा कि अनशन के दौरान किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक क्षति के लिए जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, लिपिक शंकर चौधरी और चयन समिति जिम्मेदार होगी.
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और चयन प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है.
