एड्स ने पूरे परिवार को निगला, इकलौते वारिस की भी मौत

एड्स ने पूरे परिवार को निगला, इकलौते वारिस की भी मौत

आठ वर्ष पहले गंभीर बीमारी की चपेट में आया था परिवार एक ही परिवार के सात लोगों की हो चुकी है मौत संजय तिवारी, मेराल (गढ़वा) प्रखंड के एक टोला में नियति का एक बेहद क्रूर चेहरा सामने आया है. एड्स की चपेट में आने के बाद एक ही परिवार के सात सदस्यों की एक-एक कर मौत हो गयी. मंगलवार को परिवार के सदस्य 20 वर्षीय युवक की भी मेदिनीनगर सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी. युवक की मौत के साथ ही इस परिवार का वंश पूरी तरह समाप्त हो गया है. जानकारी के अनुसार, करीब आठ वर्ष पहले यह परिवार इस गंभीर बीमारी की चपेट में आया था. इसके बाद मौत का जो सिलसिला शुरू हुआ, उसने पूरे भरे-पूरे परिवार को उजाड़ दिया. सबसे पहले युवक के बड़े चाचा और उनकी पत्नी की मृत्यु हुई. इसके बाद युवक की माता, पिता, भाई और फिर दादी की भी इस बीमारी से मौत हो गयी. अब युवक के जाने के बाद घर में केवल मातम और सन्नाटा शेष है. परिवार में अब केवल एक बुजुर्ग जीवित बचे हैं. अपनी आंखों के सामने दो पीढ़ियों को खत्म होते देख वे पूरी तरह टूट चुके हैं. ग्रामीणों के अनुसार, बुजुर्ग की स्थिति अब एक जिंदा लाश जैसी हो गयी है. घर के सभी चिराग बुझ जाने के बाद अब उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं बचा है. इस घटना ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है. वार्ड सदस्य प्रतिनिधि और बीडीसी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाया है कि एक ही परिवार के इतने लोग इस बीमारी की चपेट में कैसे आये और उन्हें समय पर उपचार क्यों नहीं मिल सका. कोट मामला अत्यंत गंभीर है. जल्द ही जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम को गांव भेजा जायेगा. टीम वहां जाकर स्थिति का जायजा लेगी और आवश्यक जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी. डॉ वीरेंद्र कुमार, चिकित्सा प्रभारी, मेराल

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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