अविनाश सिंह
Garhwa: गढ़वा शहरी क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से चल रहे ‘आपन सरस्वतिया अभियान’ की सफलता के बाद अब इसका दायरा बढ़ाते हुए इसे मेराल प्रखंड क्षेत्र में भी विस्तारित कर दिया गया है. इसी कड़ी में बुधवार को गढ़वा अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने स्थानीय गणमान्य लोगों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर मेराल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरस्वतिया नदी के विभिन्न तटीय इलाकों का व्यापक भ्रमण व निरीक्षण किया.
अतिक्रमण सबसे गंभीर समस्या
भ्रमण के दौरान एसडीएम ने नदी की वर्तमान स्थिति का बारीकी से जायजा लिया. इस दौरान नदी में बड़े पैमाने पर जमा गाद (मिट्टी का जमाव) और तटीय क्षेत्रों में बढ़ते अतिक्रमण की गंभीर समस्या सामने आई. सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों के साथ मौके पर ही गहन विमर्श किया गया. चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गढ़वा शहर की तर्ज पर अब मेराल क्षेत्र में भी जनभागीदारी के माध्यम से ‘आपन सरस्वतिया अभियान’ को बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा.
गढ़वा जिले की पहचान है सरस्वतिया नदी
इसके तहत नदी का गहरीकरण करने, उसे गाद से मुक्त कराने और पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर साफ-सफाई करने की मुकम्मल योजना बनाई गई है. निरीक्षण के दौरान एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि सरस्वतिया नदी केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि गढ़वा जिले की मुख्य पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है. इसके पुराने स्वरूप को लौटाने और इसे पुनर्जीवित करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ आम जनता की सक्रिय सहभागिता बेहद अनिवार्य है.
स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील
उन्होंने स्थानीय नागरिकों से नदी को स्वच्छ रखने और स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर श्रमदान करने की अपील की. एसडीएम ने बताया कि स्थानीय लोगों के सुझावों के बाद यह तय किया गया है आगामी 29 मई को मेराल के प्रबुद्ध और प्रोग्रेसिव लोगों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में मेराल क्षेत्र में अभियान को धरातल पर उतारने की अंतिम रणनीति और तिथि तय की जाएगी, जिसके बाद सामूहिक रूप से कार्य शुरू होगा.
ये लोग थे मौजूद
इस भ्रमण व निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से सांसद प्रतिनिधि विजय प्रसाद गुप्ता, बीस सूत्रीय प्रखंड अध्यक्ष शंभू प्रसाद साव, विधायक प्रतिनिधि डॉ लालमोहन, प्रख्यात समाजसेवी अतहर अली अंसारी, मेराल पूर्वी के मुखिया रामसागर महतो, मेराल पश्चिमी के मुखिया प्रतिनिधि मुन्ना राम, विवेकानंद चौबे, यासीन अंसारी, कृष्ण प्रसाद कुशवाहा सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे.
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