गढ़वा. गढ़वा जिले में भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना पांच वर्षों (2020-2021 से 2024-25) के लिए प्रारंभ की गयी थी. उपायुक्त गढ़वा शेखर जमुआर की अध्यक्षता में इसके तहत योजनाओं के चयन के लिए बनायी गयी जिला स्तरीय समिति में गत वित्तीय वर्षों में मत्स्य पालन की 31 योजनाओं का चयन किया गया था. इनमें रेसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम, बायो फ्लॉक मत्स्य पालन ईकाइयां, मत्स्य हेचरी का अधिष्ठापन, इंसुलेटेड मत्स्य परिवहन वाहन, आइस बॉक्स के साथ बाइक वितरण तथा मत्स्य आहार उत्पादन के लिए फिड मील शामिल है. सोमवार को समिति की बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की गयी. बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, धरती आबा जनजातिय उत्कर्ष अभियान एवं नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत कुल 240 योजनाएं पारित की गयी. उपायुक्त ने केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सफल संचालन तथा योजना को वर्तमान वित्तीय वर्ष में पूर्ण कराने का निर्देश दिया. बैठक में सर्वसम्मति से धरती आबा जनजातिय उत्कर्ष अभियान में पूर्व चयनित ग्राम पंचायत में मत्स्य पालन करने वाले आदिम जनजाति समुदाय के लोगों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के विभिन्न अव्यय को आगामी वित्तीय वर्ष में समाहित करने का प्रस्ताव पारित किया गया. मत्स्य पालन इकाईयों का अनुमोदन : इसके तहत गढ़वा प्रखंड के ओबरा भदुआ ग्राम में अवस्थित अन्नराज जलाशय में 25 लाभुकों को केज मत्स्य पालन इकाइयों का अनुमोदन किया गया. इसमेें प्रति इकाई तीन लाख के हिसाब से 50 इकाईयों के लिए 150 लाख की स्वीकृति दी गयी. इसी तरह से चिनिया प्रखंड के चिरका ग्राम स्थित चिरका जलाशय में 25 लाभुकों को भी केज मत्स्य पालन इकाइयों के लिए प्रति इकाई तीन लाख के हिसाब से 150 लाख की योजना का अनुमोदन किया गया. इसके अतिरिक्त मत्स्य पालकों को जिंदा मछली विक्रय केंद्र देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया. इसके अलावे सामुदायिक मत्स्यकी में 60 प्रतिशत के अनुदान पर चार प्रति इकाई के हिसाब से 115 इकाई के लिए 4.88 करोड़ की योजनाएं पारित की गयी. परियोजना तत्काल स्वीकृत करें : उपायुक्त ने अन्नराज जलाशय में अधिष्ठापित केज मत्स्य पालन परियोजना की प्रगति को देखते हुए जिला मत्स्य पदाधिकारी गढ़ता को खजुरी जलाशय मझिआंव में परियोजना को तत्काल स्वीकृत करते हुए दो दिनों में समर्पित करने का निर्देश दिया. साथ ही केज मत्स्य पालन से मत्स्य उत्पादन एवं सामुदायिक मत्स्य परिवारों, खासकर विस्थापितों को रोजगार एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आकांक्षी जिला नीति आयोग के तहत स्वीकृति प्रदान की गयी. महाझींगा मछली का पालन करें : बैठक में मत्स्य पालन में गढ़ता जिला को आत्मनिर्भर रोजगार सृजन को ध्यान में रखते हुए जिला मत्स्य पदाधिकारी को मीठे पानी की महाझींगा मछली पालन करने को कहा गया. उपस्थित लोग : बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, कार्यपालक अभियंता जलपथ प्रमंडल के निदेशक रविश राज सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी शिवशंकर प्रसाद, अग्रणी बैंक प्रबंधक, कृषि विज्ञान केंद्र के परियोजना समन्वयक व जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित अन्य लोग शामिल थे.
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