प्रतिनिधि, धुरकी उत्तरी वन प्रमंडल गढ़वा अंतर्गत धुरकी क्षेत्र के सुरक्षित जंगलों में इन दिनों भीषण आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. धुरकी-नगरउटारी मुख्य मार्ग स्थित सिसकारी और लोलकी थाना क्षेत्र के पास, वन परिसर कार्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर जंगल आग की चपेट में हैं. आग की लपटें विकराल रूप ले चुकी हैं. हरे-भरे पेड़-पौधों के साथ-साथ जंगली जीव-जंतु भी जलकर नष्ट हो रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार महुआ सीजन शुरू होने के कारण कुछ लोग महुआ चुनने के लिए जानबूझकर जंगलों में आग लगा रहे हैं. वन विभाग द्वारा रोकथाम के प्रयास के बावजूद असामाजिक तत्व बिना किसी भय के जगह-जगह आगजनी कर रहे हैं. सूखे पत्तों के कारण आग तेजी से फैल रही है और लपटें 5 से 10 मीटर तक ऊंची उठ रही हैं. इससे बड़ी संख्या में नये पौधे जलकर नष्ट हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि आग लगाने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाये. अन्यथा धुरकी के घने जंगल उजड़कर बंजर भूमि में तब्दील हो सकते हैं, जिसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा.
धुरकी के जंगलों में भीषण आग. पर्यावरण और वन्यजीवों पर खतरा
धुरकी के जंगलों में भीषण आग. पर्यावरण और वन्यजीवों पर खतरा
