गढ़वा परिवहन कार्यालय में पांच वर्षों में 44942 हजार छोटे बड़े वाहनों का हुआ है निबंधन
गढ़वा जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं से प्रशासन व लोग चिंतित हैं. जिले में लगभग हर दिन सड़क हादसे हो रहे हैं और कई मामलों में लोगों की जान भी जा रही है. सड़क पर वाहनों की बढ़ती संख्या, खराब, गड्ढायुक्त सड़कें और तेज रफ्तार हादसों की बड़ी वजह बन रही हैं. जिला परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में जिले में वाहनों की संख्या में लगभग पांच गुना से अधिक वृद्धि हुई है. वित्तीय वर्ष 2021-22 में जहां 3984 वाहनों का निबंधन हुआ था, वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 15061 पहुंच गयी. इनमें अधिकतर निजी उपयोग के वाहन हैं. पांच वर्षों में व्यवसायिक वाहनों का निबंधन केवल 2429 रहा, जबकि निजी उपयोग के दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या 44942 दर्ज की गयी. यह आंकड़ा केवल गढ़वा परिवहन कार्यालय में निबंधित वाहनों का है. इसके अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से खरीदे गये तथा वहां निबंधित वाहन भी जिले में बड़ी संख्या में चल रहे हैं.
पांच सालों में वाहनों की संख्या (गढ़वा परिवहन कार्यालय में निबंधित वाहनों का आंकड़ा)
वित्तीय साल व्यवसायिक वाहन निजी वाहन कुल वाहन2021-22 341 3643 3984
2022-23 423 4815 52382023-24 472 9208 9680
2024-25 541 12867 13408
2025-26 652 14409 15061
इस साल मार्च तक जिले में हुईं 48 सड़क दुर्घटनाएं
सरकारी आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी से 31 मार्च 2026 तक जिले में 48 सड़क दुर्घटनाएं हुईं. इनमें 32 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 54 लोग घायल हुए. हालांकि स्थानीय स्तर पर माना जा रहा है कि वास्तविक दुर्घटनाओं की संख्या 100 से अधिक है.
गोल्डन आवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले में मिलेंगे 25 हजार रुपयेजिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने बताया कि सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर झारखंड सरकार के आपदा विभाग की ओर से मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाती है. वहीं अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत होने पर हिट एंड रन योजना के तहत दो लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है. उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की समय पर मदद कर उनकी जान बचायी जा सकती है. इसी उद्देश्य से उपायुक्त के निर्देश पर नयी राहवीर योजना शुरू की गयी है. इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर यानी एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को पहले मिलने वाली 5000 रुपये की राशि बढ़ाकर अब 25000 रुपये कर दी गयी है. साथ ही प्रशस्ति पत्र भी दिया जायेगा. उन्होंने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करें और प्रशासन का सहयोग करें.
