1000 लोगों पर रोजगार संकट

चालान बंद होते ही बंद हो गया डोलोमाइट पत्थर का उठाव भवनाथपुर : सेल आरएमडी तुलसीदामर डोलोमाइट खदान को वातावरण अनापत्ति प्रमाण पत्र फेल हो जाने के कारण खनन विभाग ने चालान बंद कर दिया गया है. इस कारण डोलोमाइट पत्थर का उठाव पिछले दो दिन से बंद है. विदित हो कि 31 मार्च 2020 […]

चालान बंद होते ही बंद हो गया डोलोमाइट पत्थर का उठाव

भवनाथपुर : सेल आरएमडी तुलसीदामर डोलोमाइट खदान को वातावरण अनापत्ति प्रमाण पत्र फेल हो जाने के कारण खनन विभाग ने चालान बंद कर दिया गया है. इस कारण डोलोमाइट पत्थर का उठाव पिछले दो दिन से बंद है. विदित हो कि 31 मार्च 2020 को तुलसीदामर डोलोमाइट का लीज समाप्त हो रहा है, लेकिन इससे पहले ही खदान पर संकट गहरा गया है.
गौरतलब है कि भवनाथपुर क्षेत्र के लिए जीवन रेखा समझे जानेवाला डोलोमाइट खदान व घाघरा चूना पत्थर खदान था. इसमें चूना पत्थर खदान को 2013 में ही सेल प्रबंधन ने पूर्ण रूप से बंद कर दिया है. इसके बाद डोलोमाइट खदान बचा हुआ था. वह खदान भी बंद होता दिख रहा है. खनन विभाग से फिलहाल तुलसीदामर खदान में पत्थरों का उठाव बंद है. लेकिन मजदूर अभी भी उत्खनन कर रहे हैं. मजदूर नेता चतुर्गुण यादव ने कहा कि न तो सेल प्रबंधन और न ही संवेदक ने इस संबंध में कोई सूचना दी है.
इसलिए मजदूर उत्खनन कार्य कर रहे हैं. विदित हो कि खदान में मजदूर से लेकर चालक, ऑपरेटर मिला कर करीब 1000 लोग काम करते हैं. डोलोमाइट खदान को वातावरण अनापत्ति प्रमाण समय पर नवीनीकरण नहीं होने के लिए खदान प्रबंधन की लापरवाही है. जैसा कि मालूम है कि खदान को सुचारू रूप से चलाने के लिए वन विभाग, प्रदूषण विभाग, वातावरण विभाग, खनन विभाग सहित कई तरह के विभागों से तय समय के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है.
आरोप है कि भवनाथपुर खान प्रबंधन जानबूझ कर इसमें लापरवाही कर भवनाथपुर को बंद करने की साजिश कर रहा है. तुलसीदामर डोलोमाइट खदान के लिए दो वर्षों के लिए खुली निविदा मई 2019 में हुई थी. इसमें दो संवेदक काम कर रहे हैं.

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