बुनियादी सुविधा बहाल करनेवाले प्रत्याशी को प्राथमिकता

रमना : लोकसभा चुनाव को लेकर आम लोगों के बीच सरगर्मी काफी बढ़ती जा रही है़ वहीं, चौक -चौराहे, यात्री बस, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है़ लोकतंत्र के इस महापर्व पर ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी भागीदारी निभायें एवं मतों का प्रतिशत ज्यादा से ज्यादा बढ़े. इसके लिए सरकार […]

रमना : लोकसभा चुनाव को लेकर आम लोगों के बीच सरगर्मी काफी बढ़ती जा रही है़ वहीं, चौक -चौराहे, यात्री बस, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है़ लोकतंत्र के इस महापर्व पर ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी भागीदारी निभायें एवं मतों का प्रतिशत ज्यादा से ज्यादा बढ़े. इसके लिए सरकार नये-नये कार्यक्रम आयोजित कर रही है. इधर, प्रभात खबर द्वारा वोट प्रतिशत बढ़ाने एवं आपका सांसद कैसा हो को लेकर मतदाताओं के बीच पहुंच कर उनकी राय जानने का प्रयास किया.

इस दौरान रमना मुख्यालय के लोगों ने मुख्य रूप से पिछले कई वर्षों से बिजली, पानी एवं स्वास्थ्य की मांग करते आ रहे हैं. आज तक किसी जन प्रतिनिधियों ने इसका कोई ठोस उपाय नहीं निकाला. समाजसेवी रवि कुमार ने कहा कि गांव में बिजली का तार व पोल का जाल बिछाया जा रहा है, लेकिन बिजली प्रखंड मुख्यालय में तीन से चार घंटे ही बिजली नहीं मिल रही है.
सूबे के मुख्यमंत्री ने 2018 तक 20 घंटे बिजली देने का वादा किया था. नीरज प्रसाद गुप्ता ने कहा कि रमना बाजार में लगभग 200 से अधिक लोगों का निवास है. यहां दूषित पानी पीने पर लोग मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों से जलापूर्ति योजना शुरू करने की मांग की गयी, लेकिन अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं निकाला गया. सुनील प्रसाद ने कहा कि आज तक जितने भी जनप्रतिनिधि जीत कर गये, अपने वादे भूल गये. रमना में राहगीरों के लिए सुलभ शौचालय सहित बस स्टैंड नहीं होने के कारण परेशानी उठानी पड़ती है.

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