नगरऊंटारी : प्रखंड के धमनी, जंगीपुर, उसकाकला व भोजपुर गांव में हजारों एकड़ भूमि को सिंचित करनेवाली बभनीखांड़ जलाशय योजना लापरवाही का शिकार हो गया है. 1970-71 में 54 लाख की लागत से जब इस डैम का निर्माण हुआ था, तो किसानों की बांछें खिल गयी थीं. किसान इस डैम के पानी से धान व रबी दोनों फसल की सिंचाई करते थे. वर्ष 2011 में डैम का गेट बदले जाने के साथ ही स्थिति बदल गयी.
किसानों के सामने समस्याएं पैदा होने लगी. संवेदक द्वारा घटिया काम किये जाने से गेट लगाना व खोलना कठिन हो गया. किसान गोकुल मेहता ने बताया कि गेट का दोनों रेगुलेटर खराब है. हैंडिल भी काम नहीं करता है. हनीफ अंसारी, रामदास उरांव, रामवृक्ष मेहता, सोहरायी साव ने बताया कि किसी तरह गेट को बंद किया जाता है. उन्होंने बताया कि जब नहर ठीक थी, तो भोजपुर गांव के टिकुलडीहा टोला तक खेत की सिंचाई होती थी. किसानों ने बताया कि पिछले ही साल विभाग द्वारा नहर की सफाई का कार्य किया गया था. लेकिन संवेदक द्वारा कार्य इतना घटिया कराया गया है कि नहर पहले जैसी स्थिति में रह गयी है. किसानों ने बताया कि नहर जहां टूटी थी, उसको उसी तरह छोड़ दिया गया है.
