भवनाथपुर : अंततः सेल आरएमडी के तुलसीदामर डोलोमाइट खदान के लिए कोलकाता में 21 दिसंबर को की गयी खुली निविदा में प्रबंधन द्वारा पूर्व से दिये गये निविदा शर्तों को मानते हुए भवनाथपुर के तीन ठेका कंपनियों ने भाग लिया. इन कंपनियों के निविदा में भाग लेने से तुलसीदामर खदान पर संकट के बादल छंटने के आसार बढ़ गये हैं.
विदित हो कि 21 दिसंबर को आरएमडी मुख्यालय कोलकाता में हुई खुली निविदा में पूर्व की ठेका कंपनी मेसर्स अशोक कुमार (अब अंबालाल पटेल) आरएस ग्रेवाल एंड कंपनी व सोहन लाल एंड कंपनी ने निविदा में भाग लिया. जबकि इसके पूर्व 15 दिसंबर को आयोजित निविदा में सिर्फ कोलकाता की एक सिंगर कंपनी ने भाग लिया था. सूत्रों के मुताबिक ठेका कंपनियों द्वारा डाली गयी निविदा का तकनीकी बीट खुल गया है. इसमें निविदा शर्तों द्वारा दस्तावेजों की जांच चल रही है.
जांच पूरा होते ही प्राइस बीट के लिए ठेकेदारों को कोलकाता आमंत्रित किया जायेगा. गौरतलब है कि इसके पूर्व सेल आरएमडी भवनाथपुर प्रबंधन ने तुलसीदामर डोलोमाइट खदान के लिए बीते 15 दिसंबर को खुली निविदा के लिए संवेदकों को आमंत्रित किया था. भवनाथपुर के संवेदकों ने निर्धारित तिथि को कोलकाता पहुंचकर निविदा के नियमों को संवेदक के विरुद्ध बताते हुए निविदा का बहिष्कार कर दिया था. इस दिन कोलकाता की एक सिंगर कंपनी ने खुली निविदा में भाग लेकर संवेदकों को चौंका दिया था.
ठेका कंपनियों ने प्रबंधन द्वारा निविदा में दिये गये जिन शर्तों को अपने विरुद्ध बताते हुए बहिष्कार किया था, उसमें मजदूरों का बायोमेट्रिक प्रणाली से हाजिरी बनाना, अपने मन मुताबिक प्रबंधन द्वारा बलास्टिंग करना आदि शामिल था. बहिष्कार के बाद 21 दिसंबर को निविदा की पुनः तिथि निर्धारित किया गया.
इसमें तीन ठेका कंपनियों ने प्रबंधन के सामने आत्मसमर्पण करते हुए पूर्व कही निविदा शर्तो को मानते हुए निविदा में भाग लिया. विदित हो कि भवनाथपुर सेल आरएमडी प्रबंधन ने दो वर्षो के लिए 1.50 लाख टन प्रतिवर्ष डोलोमाईट निकालने का खुली निविदा आमंत्रित किया है. इसमें एलवन को 60 प्रतिशत तथा एल टू को 40 प्रतिशत काम मिलने की शर्त है.
