रमकंडा : सरकार व विभागीय अधिकारियों द्वारा कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का दावा गलत साबित हो रहा है. काफी प्रयास के बाद भी विद्यालय प्रबंधन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में असफल साबित हो रहा है. जबकि कस्तूरबा विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है. इसके बावजूद विद्यालय का रिजल्ट काफी खराब रहा. झारखंड अधिविद्य परिषद रांची द्वारा आयोजित इंटर साइंस व मैट्रिक परीक्षा का परीक्षाफल आते ही प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका उच्च विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की पोल खुलने लगी है. इसके कारण इस विद्यालय का रिजल्ट काफी असंतोषजनक रहा.
जानकारी के अनुसार, इंटर साइंस व मैट्रिक की परीक्षा में 42 छात्राएं फेल हो गयी. जिसमें इंटर साइंस में 14 छात्राओं ने परीक्षा लिखी थी. इसमें महज चार छात्राएं ही द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण हो सकी. वहीं मैट्रिक परीक्षा में 54 छात्राएं शामिल हुई थीं. इसमें 22 छात्राओं को छोड़32 छात्राओं को असफलता हाथ लगी है. अनुत्तीर्ण इंटर की छात्राओं को केमेस्ट्री व बायोलॉजी विषय में कम अंक मिला. वहीं मैट्रिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्राओं को विज्ञान व सामाजिक विज्ञान की परीक्षा में कम अंक प्राप्त हुये हैं. मैट्रिक परीक्षा में विद्यालय की छात्रा पूर्णिमा कुमारी ने 68.40 प्रतिशत अंक लाकर विद्यालय टॉपर बनी है. वहीं दूसरे स्थान पर 67.80 प्रतिशत अंक लाकर मनीषा कुमारी दूसरे व 67.40 प्रतिशत अंक लाकर मधु कुमारी तीसरे स्थान पर है.
