बिना मुआवजा लिए नहीं निकलने देंगे नहर

खजूरी डैम में नहर को लेकर प्रशासन व ग्रामीण आमने-सामने, ग्रामीणों ने कहा खजूरी डैम से नहर निकासी के लिए ग्रामीणों से पदाधिकारियों की वार्ता विफल प्रशासन उपायुक्त के आदेश पर जबरन नहर खुदाई पर अड़ा मझिआंव : उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा के निर्देश पर प्रसिद्ध खजूरी डैम से नहर निकासी के लिए खुदाई हेतु […]

खजूरी डैम में नहर को लेकर प्रशासन व ग्रामीण आमने-सामने, ग्रामीणों ने कहा

खजूरी डैम से नहर निकासी के लिए ग्रामीणों से पदाधिकारियों की वार्ता विफल
प्रशासन उपायुक्त के आदेश पर जबरन नहर खुदाई पर अड़ा
मझिआंव : उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा के निर्देश पर प्रसिद्ध खजूरी डैम से नहर निकासी के लिए खुदाई हेतु गठित जिलास्तरीय प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ भुसुआ गांव पहुंचा़ जहां ग्रामीणों से बैठक कर उनकी समस्याओं के बारे में बात की़ लेकिन ग्रामीण बगैर मुआवजा के कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं हुई. मौके पर पहुंचे अधिकारियों का ग्रामीणों ने विरोध किया और वार्ता विफल हो गयी़ इसके बाद टीम ने डैम स्थल पर नहर खुदाई के लिए मार्किंग भी की तथा कहा गया कि उपायुक्त का निर्देश है कि तीन दिन में भुसुआ, बिरबंधा व सकरकोनी गांव में बाकी बचे नहर की खुदाई कर दी जायेगी.
उपायुक्त द्वारा नहर खुदाई के लिए गठित की गयी टीम में शामिल जिला भू-अर्जन पदाधिकारी दिनेश सोरेन, मजिस्ट्रेट सह अंचलाधिकारी कमल किशोर सिंह, अंचल निरीक्षक राजेंद्र कुमार झा एवं विधि व्यवस्था हेतु उपस्थित थाना प्रभारी विनय कुमार तथा लघु सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता हरेंद्र कुमार आदि पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी समझाने की कोशिश की. लेकिन मो इमरान खान, नाजिम रसूल खान, मोहमद अली खान, एवं आलमगीर खान सहित कई ग्रामीणों ने कहा कि मुआवजा बाद में भी मिलता तो कोई बात नहीं था, लेकिन उन्हें प्रशासन ने एक नोटिस देना भी उचित नहीं समझा.
जबकि उनकी रैयती भूमि में नहर निकाला जा रहा है. आलमगीर व नाजिम सहित कई लोगों ने आरोप लगाया कि उक्त नहर में उनकी भूमि भी जा रही है, लेकिन लघु सिंचाई विभाग के मुआवजे की सूची में उनका नाम ही नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन पुलिस का भय दिखाकर नहर खुदाई करना चाहती है, जो न्याय संगत नहीं है. उनलोगों ने कहा कि वे सभी न्यायालय का शरण लेंगे.
ग्रामीणों बिना वजह विवाद कर रहे हैं : सीओ
इस संबंध अंचलाधिकारी सह मजिस्ट्रेट श्री सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा विवाद किया जा रहा है. जबकि सिंचाई विभाग ने पहले ही सर्वे कर नहर में अधिग्रहित भूमि का नक्सा एवं खाता प्लॉट सत्यापन के लिए अंचल कार्यालय को दिया गया था. जिसके बाद उक्त प्लॉट को रजिस्टर टू में मिलान के बाद रैयत के नाम की सूची तैयार की गयी है. जिसमें भुसुआ गांव के 31,सकरकोनी के 28 एवं चंदना गांव के 09 किसानों की भूमि उक्त नहर में पड़ रही है. आज खुदाई के लिए मार्किंग की गयी है. तीन दिन के अंदर नहर की खुदाई कर दी जायेगी. नहर खुदाई के बाद सभी किसानों को मुआवजे की राशि मिल जायेगी.

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