वनवासी कल्याण केंद्र व सरना समिति की संयुक्त पहल
बड़गड़ : बड़गड़ प्रखंड के बरकोल खुर्द गांव स्थित सरनास्थल चबूतरा के पास वनवासी कल्याण केंद्र एवं सरना समिति के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया. इस अवसर पर एक जन सम्मेलन का भी आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में वनवासी कल्याण केंद्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदेव राम उरांव उपस्थित थे. जन सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री उरांव ने कहा कि आज के दिन को पूरे विश्व में पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है. पर्यावरण दिवस पर इतने बड़े कार्यक्रम का आयोजन इस बात को साबित करता है कि पर्यावरण के प्रति यहां के लोगों की कितनी जागरूकता है. उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन की पद्धति हैं. पेड़-पौधे रहेंगे, तभी पर्यावरण शुद्ध व संतुलित रहेगा. इसे बचाना हम सभी का कर्तव्य है.
समारोह के विशिष्ट राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने कहा कि सनातनी एवं सरना परंपरा के अनुसार प्रकृति के नियमों के आधार पर हम कार्य करते हैं. जब विज्ञान का आविष्कार नहीं हुआ था. उसके पूर्व से ही हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के नियमों को आधार मानकर जीवन व्यतीत किया है. हमारे पूर्वज पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए पौधे लगाया करते थे.
इससे बारिश अच्छी होती थी. उन्होंने साल के वृक्ष के महत्व को बताते हुए कहा कि इसके जड़ में जल संचयन करने की बहुत बड़ी शक्ति है. आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से चिंतित है. पर्यावरण दिवस पर हमें आने वाली पीढ़ी को संतुलित पर्यावरण देने के लिए हर व्यक्ति प्रत्येक वर्ष पांच-पांच पेड़ लगायेंगे. समारोह में बड़गड़ बीडीओ विपिन कुमार भारती, वनवासी कल्याण केंद्र के महरंग उरांव, सत्येन्द्र सिंह, हरेन्द्र सिन्हा एवं सरना समिति के अध्यक्ष रामजी उरांव आदि ने भी पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विचार व्यक्त किये.
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जन सम्मेलन के पश्चात रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. इसकी शुरुआत मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदेव राम उरांव, विशिष्ट अतिथि राज्य सभा सांसद समीर उरांव एवं बड़गड़ बीडीओ विपिन कुमार भारती ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया.
इस अवसर पर सुषमा नाग म्यूजिकल आरकेस्ट्रा ग्रुप भरनो (गुमला) की टीम द्वारा एक से बढ़कर एक नृत्य एवं संगीत की प्रस्तुति की गयी. आसपास के दर्जनों गांव से हजारों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का रातभर आनंद लिया. कार्यक्रम का संचालन कैलाश उरांव एवं बचन सिंह ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में वनवासी कल्याण केन्द्र के सुमन उरांव, सरना समिति के सदस्य प्रदीप उरांव, सोधन उरांव, राजू उरांव, अमरदीप उरांव, नेपाल उरांव, सागर लकड़ा आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.
