72 घंटे के अंदर रांची से अपहृत युवक बरामद, चार अपहरणकर्ता गिरफ्तार

गढ़वा पुलिस की सक्रियता की वजह से फिरौती के लिए अपहृत युवक को 72 घंटे के अंदर सकुशल रिहा करा लिया गया है़ साथ ही अपहरण की इस घटना में संलिप्त चारों अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है़ पुलिस ने इस मामले में अपराधियों के पास से छह मोबाइल व इस घटना में […]

गढ़वा पुलिस की सक्रियता की वजह से फिरौती के लिए अपहृत युवक को 72 घंटे के अंदर सकुशल रिहा करा लिया गया है़ साथ ही अपहरण की इस घटना में संलिप्त चारों अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है़ पुलिस ने इस मामले में अपराधियों के पास से छह मोबाइल व इस घटना में उपयोग में लाया गया काले रंग की इंडिका कार को भी बरामद किया है़
जिन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें कांडी के पतरिहा गांव निवासी राहुल पांडेय उर्फ लूलू पांडेय, गढ़वा के रंका बौलिया गांव निवासी अवधेश तिवारी का पुत्र सुधाकर तिवारी, चंद्रशेखर तिवारी का पुत्र अनुप तिवारी तथा खोनहर गांव निवासी राजेंद्र यादव के पुत्र रितेश यादव के नाम शामिल है़ इस संबंध में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक मो अर्शी ने बताया कि भवनाथपुर निवासी रमेशचंद्र मिश्रा के इकलौता पुत्र विवेक मिश्रा मेडिका रांची में फर्मासिस्ट के रूप में कार्यरत है़ उसका आठ अप्रैल की सुबह में अपराधियों ने फिरौती वसूली को लेकर अपहरण कर लिया था़
अपहरण उस समय किया गया था, जब विवेक रांची से अपने घर आने के लिए शक्तिपूंज एक्सप्रेस से सुबह 4.30 बजे गढ़वा रेलवे स्टेशन से उतरकर दूसरे वाहन के इंतजार में टाउनहॉल के पास खड़ा था़ एसपी ने बताया कि इसी दौरान पहले से रेकी कर रहे अपराधी वहां पहुंचे और उन्होंने विवेक को कब्जे में लेकर उसके उपर एक काला कपड़ा डाल कर काले रंग की इंडिका गाड़ी में उसे बैठा लिया़ इसके बाद विवेक को रंका थाना क्षेत्र के सिरोईकला गांव स्थित राजेंद्र यादव के भंडार पर ले जाया गया़ वहां हाथ-पैर बांधकर अपराधियों ने उसे तीन दिनों तक रखा़
अपराधियों ने मांगी थी 20 लाख की फिरौती
अपने पुत्र के घर नहीं पहुंचने पर विवेक के पिता रमेशचंद्र मिश्रा ने इसकी सूचना भवनाथपुर थाना को दी तथा पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की़ इस बीच अपराधियों ने विवेक के मोबाइल से उसके पिता को फोनकर 20 लाख रूपये की फरौती की मांग की तथा नहीं देने पर पुत्र को जान से मारने की धमकी दी़ एसपी ने बताया कि इस सूचना के बाद डीएसपी विजय कुमार के नेतृत्व में अपराधियों तक पहुंचने के लिए एक टीम गठित की गयी़ लेकिन फिरौती लेने के लिए बताये स्थान को अपराधी लगातार बदलते रहे़ मंगलवार की सुबह पांच बजे राहुल पांडेय फिरौती की रकम लेने के लिए चिनियां मोड़ पहुंचा हुआ था़ इसी दौरान पुलिस ने उसे धर दबोचा़ एसपी ने बताया कि राहुल पांडेय की निशानदेही पर सकुशल विवेक को सिरोईकला से रिहा करा लिया गया़ साथ ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया़ उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधी राहुल पांडेय व अन्य पहले से ही अापराधिक घटनाओं में शामिल रहे है़ं वे विकास दुबे गैंग के लिए काम करते हुए जेल जा चुके है़ं

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