गढ़वा : नियोजन नीति में संशोधन की बात भाजपा का चुनावी लॉलीपॉप है तथा इस झांसे में यहां का युवा वर्ग नहीं आनेवाले हैं. राज्य सरकार हमेशा पहले जनविरोधी निर्णय लेती है और फिर जनमानस तथा विपक्षी पार्टियों के सकारात्मक विरोध करने पर यू टर्न ले लेती है. उक्त बातें झाविमो के जिलाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने सोमवार को ण्क प्रेसवार्ता कर कही. श्री गुप्ता ने कहा की नियोजन नीति में संशोधन का श्रेय गढवा विधायक द्वारा खुद लेना बिल्कुल हास्यास्पद है, क्योंकि नियोजन नीति बनने के बाद से ही प्रभावित जिले के छात्र, युवा तथा झाविमो भारी आंदोलन करती रही है.
उन्होंने कहा कि दोहरी नीति रद्द नहीं करने पर 11 जिला को मिला कर अलग राज्य गठन की मांग भी हमलोगो ने किया था. उन्होंने कहा कि जन दबाव के कारण सरकार एक साजिश के तहत अपने विधायको से आवाज उठवाकर अपनी गलतियों पर पर्दा डालना चाहती है. उन्होंने कहा कि दोहरी नियोजन नीति का मसौदा बनाकर भाजपा अपनी कब्र खुद खोद ली है और अब नगरपालिका चुनाव के वजह से नया शिगूफा छोड़ा जा रहा है. वर्तमान स्थानीय नीति और नियोजन नीति दोगली है, जिसे रद्द कर 1932 की खतियान को आधार बनाकर स्थानीय नीति व पूरे राज्य की एक नियोजन नीति बननी चाहिए, जिसमें तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के नौकरी अगले 20 साल तक जिले के लिए आरक्षित हो. मौकेपर जिला सचिव देवदास प्रजापति, मीडिया प्रभारी अरुण चंद्रवंशी, दलित नेता बसंत पासवान उपस्थित थे़
