गढ़वा: टोल प्लाजा के CCTV से खुला राज, तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने ली मामा-भांजे की जान

Garhwa News: गढ़वा में मामा-भांजे की दर्दनाक मौत मामले में खुलासा हुआ है. टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में तेज रफ्तार बालू लदा ट्रैक्टर हादसे का जिम्मेदार पाया गया. प्रशासन ने अवैध बालू कारोबार पर शिकंजा कसते हुए कई ट्रैक्टरों को चिन्हित किया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट 

Garhwa News: गढ़वा में अवैध बालू उत्खनन और परिवहन का काला कारोबार किस कदर बेगुनाहों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है, इसका एक और सच सामने आया है. बीते रविवार (17 मई) को टोल प्लाजा के पास हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना, जिसमें मामा-भांजे की मौत हो गई थी, उसका मुख्य गुनहगार एक बालू लदा अवैध ट्रैक्टर ही था. टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद अब इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो गई है.

CCTV फुटेज में कैद हुआ हादसे का सच 

इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने गुरुवार शाम को खुद कोयल नदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया, जहां उन्हें अवैध खनन के कई चौंकाने वाले साक्ष्य मिले हैं. रविवार को हुए हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम संजय कुमार ने निरीक्षण के दौरान टोल प्लाजा के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को निकलवाया और उसकी गहन जांच की. फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक नीले रंग का बालू लदा ट्रैक्टर बेहद तेज और अनियंत्रित गति से आ रहा था. इसी ट्रैक्टर ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार मामा-भांजे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई

एसडीएम ने क्या कहा? 

एसडीएम ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद है कि बालू तस्करों के ट्रैक्टरों के कारण आए दिन बेगुनाह लोगों की जान जा रही है. बार-बार चेतावनी के बावजूद रात के अंधेरे में अंधाधुंध गति से अवैध बालू ढोने का दुस्साहस किया जा रहा है, जिसे अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एसडीएम ने बालू माफियाओं के रवैये को उजागर करते हुए कहा कि रात में अवैध रूप से ट्रैक्टर चलाने वाले लगभग सभी ड्राइवर नशे में धुत रहते हैं. तेज रफ्तार और यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ये वाहन अब आम जनता की जान-माल के लिए एक गंभीर और बड़ा खतरा बन चुके हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ अब सीधे गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

कोयल नदी किनारे प्रशासन की छापेमारी 

गुरुवार शाम जब एसडीएम संजय कुमार अचानक कोयल नदी के तटीय क्षेत्रों (मेढ़ना लापो क्षेत्र) में पहुंचे, तो वहां बालू तस्करों के बीच हड़कंप मच गया. अधिकारियों के पहुंचने की भनक लगते ही नदी के पाट पर बालू लोड कर रहा एक ट्रैक्टर चालक डर के मारे अपनी ट्रॉली को वहीं नदी किनारे छोड़ दिया और सिर्फ ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पिछले चार-पांच दिनों के भीतर बड़े पैमाने पर किए गए अवैध बालू उत्खनन के व्यापक और ताजा साक्ष्य मिले हैं. 

कई ट्रैक्टर चिन्हित 

अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने के लिए प्रशासन ने टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई है. इस जांच में बड़ी संख्या में अवैध बालू लादकर अवैध रूप से गुजरने वाले ट्रैक्टरों को चिन्हित कर लिया गया है. इन सभी संबंधित ट्रैक्टर मालिकों और तस्करों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस पूरे मामले में एसडीएम ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि अवैध खनन और परिवहन के इस खेल में कुछ स्थानीय पदाधिकारियों की भूमिका भी संदेहास्पद है. उनकी संलिप्तता की गहन जांच की जा रही है. इसके बाद शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

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Published by: Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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