प्रभात खबर के मंच पर उठे सवाल का असरः गुरुजी क्रेडिट योजना में बदलाव, जमा फीस का भी मिलेगा रिफंड

झारखंड सरकार ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव किया है. अब विद्यार्थियों को जमा की गई फीस का एकमुश्त रिफंड मिलेगा और मार्जिन मनी की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है. यह फैसला छात्रों के लिए बेहद राहत भरा साबित होगा.

रांचीः गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना में संशोधन करते हुए राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है. विद्यार्थी द्वारा पूर्व में जमा की गई फीस की एकमुश्त रिफंड किया जाएगा. सरकार ने इस योजना के प्रावधान में मार्जिक मनी भी समाप्त कर दी है. प्रभात खबर के मंच से किए गए वादे को सरकार ने पूरा किया. 28 जून को राजधानी में आयोजित प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह में लॉ की छात्रा श्रुति प्रिया झा ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना में आ रही परेशानी की ओर मंच पर मौजूद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का ध्यान आकृष्ट कराया था.

श्रुति ने बताया कि अगर समय पर पैसा नहीं मिला और पहले वर्ष की फीस जमा कर दी, तो वह रिफंड नहीं होता है. छात्रा की इस पीड़ा को सुनते ही वित्त मंत्री श्री किशोर ने मंच से ही घोषणा की थी कि यह उनके विभाग से जुड़ा मामला है. सरकार इस समस्या को दूर करेगी. मंगलवार को कैबिनेट ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की घोषणा पर मुहर लगाते हुए राज्य के छात्रों की परेशानी दूर कर दी. कैबिनेट के फैसले के अनुसार अब केंद्रीय विवि सहित कई अन्य संस्थानों को भी इस योजना के तहत जोड़ा गया है.

मेरी बात सरकार ने सुन ली, धन्यवाद : श्रुति

प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह में गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना में परेशानी को लेकर सवाल रखने वाली श्रुति आज खुश है. उसने कहा कि सरकार बच्चों की बात भी सुन रही है. मैं सरकार की आभारी हूं. कभी-कभी सरकार को परेशानियों और मुद्दे की जानकारी नहीं रहती है, उसको सही मंच पर लाने से उस समस्या का हल भी निकल जाता है. श्रुति ने कहा कि मैं लॉ प्रोफेशन में हूं. बचपन से डिबेट में भाग लेती रही हूं. सवाल पूछने से मुझे डर नहीं लगता है.

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अहम बातें गुरुजी

क्रेडिट कार्ड के प्रावधान में मार्जिन मनी भी की गई खत्म

धनबाद मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ाने के लिए आधारभूत संरचनाओं का विस्तार किया जाएगा, चार अरब 95 करोड़ से ज्यादा राशि मंजूर

जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के लिए तीन अरब 93 करोड़ 91 लाख की प्रशासनिक मंजूरी मिली

छात्र अनुसंधान नवाचार नीति 2026 को मंजूरी

बालिकाओं को मिलेंगे सेनेटरी नेपकीन तो सभी विद्यार्थियों को डायरी

कैबिनेट बैठक में सरकार ने 53 प्रस्तावों को दी मंजूरी

बता दें, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी. कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर कई अहम फैसले भी लिए गए.

बालिकाओं को मिलेंगे सेनेटरी नेपकीन और सभी विद्यार्थियों को डायरी

वहीं राज्य के पांच नवसृजित प्रखंडों में बालिकाओं के लिए आधुनिक आवासीय भवनों के निर्माण के लिए लगभग 50 करोड़ रुपए (49.99 करोड़) की स्वीकृति दी गई है. प्राथमिक विद्यालयों के समग्र विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2027-28 से 2028-29 तक ज्ञानोदय योजना के तहत 73 करोड़ स्वीकृत किए गए.

वहीं, कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट्स डायरी के लिए 27 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है. सरकारी विद्यालयों में कक्षा छह से 12 तक की बालिकाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता का ध्यान रखते हुए एक अरब 24 करोड़ 37 लाख रुपए की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है. वर्तमान में राज्य के 203 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय और 57 झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की छात्राओं को ही सेनेटरी पैड 2023 से दिया जा रहा है. संभावना है कि नवंबर से छात्राओं को सेनेटरी पैड मिल सकेगा.

एसएनएमएमसीएच कॉलेज एंड टीचिंग हॉस्पिटल में बढ़ेगी सीट

डीएमएफटी धनबाद के फंड से प्रस्तावित एसएनएमएमसीएच कॉलेज एंड टीचिंग हॉस्पिटल में 100 यूजी सीट को बढ़ाकर 250 किया जाएगा वहीं 16 पीजी सीटों को बढ़ाकर 50 पीजी सीट किया जाएगा. इसके लिए डीएमएफटी से दो अरब पचहत्तर करोड़ अठारह लाख ग्यारह हजार पांच सौ रुपए की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

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100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे

कैबिनेट द्वारा राज्य में 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तरह 100 अन्य स्कूलों को भी विकसित करने के लिए सात अरब 21 करोड़ 43 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य हेतु तत्कालिक व्यवस्था के तहत् अंशकालीन शिक्षकों से कार्य लिए जाने के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई.

छात्र अनुसंधान नवाचार नीति 2026 को मंजूरी

कैबिनेट द्वारा झारखंड छात्र अनुसंधान नवाचार नीति 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई. इसमें छात्रों को शोध के लिए बढ़ावा देने को लेकर राशि दी जाएगी. युवाओं और विद्यार्थियों में शोध की संस्कृति को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर है. कैबिनेट ने झारखंज ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना मे संशोधन पर स्वीकृति दी गई है. इसमें इंटर्नशिप की राशि बढ़ाई गई है.

डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र अब 65 की गई

स्वास्थ्य विभाग में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की संविदा पर नियुक्ति के लिए चिकित्सक नियुक्ति नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई. वहीं, गैर-शैक्षणिक डॉक्टरों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति उम्र 67 साल से घटाकर 65 साल कर दी गई है. धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में यूजी की सीटों को 100 से बढ़ाकर 250 करने तथा पीजी सीटों में बढ़ोतरी के लिए आधारभूत संरचनाओं का विस्तार किया जाएगा. इसके लिए चार अरब पंचानवे करोड़ दो लाख सतहत्तर हजार छह सौ रुपए की राशि की स्वीकृति दी गई है. वहीं जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाने और नए विषय शुरू करने के लिए 2026-27 से 2029-30 तक तीन अरब 93 करोड़ 91 लाख नौ हजार 600 रुपए की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है.

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लेखक के बारे में

By अर्चना कुजूर

अर्चना कुजूर एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वह झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य की प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं. अर्चना ने वर्ष 2016 में क्राफ्ट फिल्म स्कूल, रोहिणी (नई दिल्ली) से टीवी जर्नलिज्म एंड न्यूज रीडिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा किया. इसके बाद उन्होंने नोएडा स्थित नेशनल वॉयस न्यूज और इंडिया वॉयस न्यूज चैनल (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) में इंटर्नशिप करने के साथ-साथ व्यावहारिक पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया.

झारखंड लौटने के बाद उन्होंने कशिश न्यूज चैनल में लगभग डेढ़ वर्ष तक आउटपुट विभाग में कॉपी राइटर के रूप में कार्य किया. इसके बाद रांची एक्सप्रेस में एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग की और प्रिंट पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया. वर्ष 2022 से उन्होंने न्यूज11 भारत और नक्षत्र न्यूज चैनल में लगभग दो-दो वर्षों तक डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए राज्य की राजनीति, शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, योजनाओं और समसामयिक विषयों पर हजारों समाचार और विशेष लेख लिखें.

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