East Singhbhum News : घाटशिला की सड़कों पर काल बन रहे वाहन, 45 दिनों में 9 मौतें

प्रशासन की चुप्पी और चालकों की लापरवाही से दहशत में लोग

घाटशिला. घाटशिला और आसपास के क्षेत्रों में पिछले डेढ़ महीने में हुईं सड़क दुर्घटनाओं से लोग दहशत में हैं. शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गांवों की गलियों तक बेलगाम दौड़ते वाहन मासूमों और युवाओं की जान के दुश्मन बन गये हैं. पिछले 45 दिनों में करीब नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. लगातार हो रही इन मौतों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. अब सवाल यह है कि प्रशासन और समाज की नींद कब खुलेगी और इस बेलगाम रफ्तार पर कब लगाम लगेगी?

घर से निकले, तो परिजन सुरक्षित लौटने की करते हैं दुआ:

वर्तमान स्थिति यह है कि जब कोई व्यक्ति घर से बाहर निकलता है, तो परिजन उसके सुरक्षित लौटने की दुआ करते हैं. जब तक घर का सदस्य वापस नहीं पहुंच जाता, परिवार की सांसें अटकी रहती हैं. सड़कों पर न तो वाहन चालक यातायात नियमों के प्रति सचेत दिख रहे हैं और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई सख्त नियंत्रण नजर आ रहा है.

ग्रामीणों में गुस्सा, स्पीड ब्रेकर की उठी मांग

मासूम आराध्या की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है. लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन किया. काशिदा से चेंगजोड़ा तक तत्काल स्पीड ब्रेकर (ठोकर) लगाने की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग स्कूली बच्चों के लिए डेथ ट्रैप बन गया है. प्रशासन बार-बार की अपीलों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है.

कांग्रेस, भाजपा और झामुमो ने प्रशासन को घेरा, सख्त कार्रवाई की मांग

घाटशिला में पिछले डेढ़ माह में हुई नौ मौतों ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है. सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के नेताओं ने बढ़ते हादसों के लिए ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक शिथिलता को जिम्मेदार ठहराया है. सभी दलों के नेताओं का एक ही स्वर है कि केवल शोक व्यक्त करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर कड़े नियंत्रण की आवश्यकता है. अब गेंद प्रशासन के पाले में है कि वह इन सुझावों पर कितनी जल्दी अमल करता है.

क्यों हो रहे हैं हादसे

– नाबालिग चालक: बिना लाइसेंस के कम उम्र के बच्चे सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं.

– खतरनाक स्टंट : युवाओं में रेस ड्राइविंग और जानलेवा स्टंट का बढ़ता चलन.

– लापरवाही: एक बाइक पर तीन-चार लोगों का बैठना और अवैध हॉर्न/साइलेंसर का प्रयोग.

– ट्रैक्टरों का आतंक: खेती और ढुलाई के काम में लगे ट्रैक्टरों का आबादी वाले क्षेत्रों में बेकाबू होना.

– पारिवारिक ढील: कई मामलों में अभिभावक भी बच्चों को तेज रफ्तार वाहन चलाने से नहीं रोक रहे हैं.

घाटशिला में बने स्वतंत्र यातायात विभाग : तापस चटर्जी

कांग्रेस नेता तापस चटर्जी ने इन मौतों को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि हर हादसे के साथ एक परिवार की खुशियां उजड़ रही हैं. उन्होंने मांग की है कि घाटशिला में एक समर्पित यातायात विभाग की स्थापना की जाये. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती हो ताकि वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लग सके.

नियमों का सख्ती से हो पालन : दिनेश साव

भाजपा नेता दिनेश साव ने असमय हो रही मौतों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया है कि पुलिस प्रशासन को अन्य कार्यों के साथ-साथ सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिये. ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों और सड़कों पर रेस ड्राइविंग करने वाले युवकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाये.

एसडीपीओ से की सख्त कार्रवाई की मांग : जगदीश भकत

झामुमो नेता जगदीश भकत ने कहा कि छोटी-छोटी चूक और नियमों की अनदेखी निर्दोषों की जान ले रही है. उन्होंने स्टंटबाजी और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने को एक बड़ी समस्या बताया. उन्होंने जानकारी दी कि हाल में एसडीपीओ से मिलकर यह आग्रह किया गया है कि वे सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दें. अवैध साइलेंसर, रेस ड्राइविंग और नाबालिग चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चला दंडित किया जाये.

बीते डेढ़ माह में हुईं घटनाएं

– 31 दिसंबर : साल के आखिरी दिन ट्रैक्टर की चपेट में आने से 17 वर्षीय बोड़ा उर्फ छोटू सबर की मौत हो गयी.

– 4 जनवरी: फूलपाल के 25 वर्षीय युवक अरबाज अली की हाइवे पर ट्रैक्टर ने जान ले ली.

– 9 जनवरी: सुरदा क्रॉसिंग के पास एक भीषण हादसे ने जगन्नाथपुर निवासी राहुल कर्मकार (21), समीर कर्मकार (22) और राजा गोप (22) को एक साथ मौत हो गयी.

– 17 जनवरी: राजस्टेट निवासी गौतम लोहार (42) की बाइक की टक्कर से मृत्यु हुई.

– 6 फरवरी: हुलुंग निवासी बलराम सबर (42) भी ट्रैक्टर की चपेट में आकर काल के गाल में समा गये.

– 11 फरवरी: काशिदा पंचायत की 5 वर्षीय मासूम छात्रा आराध्या गोराई को एक तेज रफ्तार बाइक ने कुचल दिया.

– 13 फरवरी: फूलपाल निवासी शेख आजाद (55) की जगन्नाथपुर के पास सड़क हादसे में मौत हो गयी.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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